नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर के कपाट आज से शीतकालीन बंदी के लिए बंद कर दिए गए। इस अवसर पर केदारनाथ धाम में भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने बंदी का पावन अवसर बड़े श्रद्धा भाव से मनाया।
आज भाई दूज के पावन अवसर पर सुबह करीब 8:30 बजे केदारनाथ धाम के कपाट अगले छह महीनों के लिए बंद कर दिए गए। श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक क्षण में भाग लेकर शीतकालीन बंदी का विधिवत सम्मान किया।
आज केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। केदारघाटी हर हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोष से गूंज उठी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस पावन मौके पर मौजूद रहे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट आज दोपहर 12:30 बजे शीतकालीन बंदी के लिए बंद हुए।
6 महीने कहां होंगे दर्शन?
कपाट बंद होने के बाद अब अगले छह महीने तक बाबा केदार की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में होगी। भगवान शिव की चल डोली भी कपाट बंद होने के बाद ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना हो जाएगी।
भगवान शिव की चल डोली की यात्रा के पहले दिन, आज डोली रामपुर में रात्रि विश्राम करेगी। इसके बाद 24 अक्टूबर को यह गुप्तकाशी पहुंचेगी। तीसरे दिन, 25 अक्टूबर को डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी, वहां छह महीने तक बाबा केदार की पूजा-अर्चना और दर्शन की व्यवस्था रहेगी।
श्रद्धालुओं ने कायम किया नया रिकॉर्ड
उत्तराखंड में मानसून के दौरान आपदाओं के बावजूद चारधाम यात्रा बर्फबारी और खराब मौसम के बीच भी रफ्तार पकड़ती रही। केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ ने नए रिकॉर्ड कायम किए, जिससे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा की गूंज सुनाई दी।
केदारनाथ में इस वर्ष बुधवार तक दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 16.56 लाख से अधिक हो गई है, जबकि बदरीनाथ में यह आंकड़ा 14.53 लाख से पार पहुंच चुका है।
आंकड़ों के अनुसार, पिछला रिकॉर्ड 2024 में बना था, जब पूरे यात्राकाल में 16.52 लाख से अधिक तीर्थयात्री केदारनाथ मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे थे, जबकि बदरीनाथ में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 14.35 लाख थी।




