नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आगरा में प्रदर्शन के बाद अब करणी सेना ने बड़ा ऐलान करते हुए 9 मई को दिल्ली कूच करने की घोषणा कर दी है। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान से उपजा विवाद अब राजधानी तक पहुँच गया है।
क्या है पूरा मामला?
राज्यसभा में एक भाषण के दौरान सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने मुग़ल शासक औरंगज़ेब की चर्चा करते हुए राणा सांगा को “गद्दार” बताया था। यह बयान क्षत्रिय समाज और करणी सेना को बेहद नागवार गुज़रा। हालांकि बाद में राज्यसभा से यह बयान हटा दिया गया, और खुद सपा सांसद ने भी सफाई दी कि यह उनका निजी नजरिया था और हिंसा के ज़रिए विरोध गलत है। लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था।
आगरा के बाद अब दिल्ली में विरोध
करणी सेना ने 12 अप्रैल को आगरा में रक्त स्वाभिमान सम्मेलन किया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने तलवारें लहराते हुए सपा सांसद से माफी की मांग की थी। अब करणी सेना ने घोषणा की है कि 9 मई को महाराणा प्रताप की जयंती पर वे दिल्ली कूच करेंगे।
करणी सेना अध्यक्ष का बयान
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा: “जब तक रामजीलाल सुमन की राज्यसभा सदस्यता रद्द नहीं होती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव राणा सांगा की स्मृति स्थल पर जाकर माफी नहीं मांगते, तब तक हमारी स्वाभिमान की लड़ाई जारी रहेगी। आगरा के प्रदर्शन के दौरान तलवारें लहराई गई थीं और कार्यकर्ताओं ने भगवा झंडों और डंडों के साथ विरोध किया था। ऐसे में अब दिल्ली कूच के ऐलान को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। दिल्ली में भी सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जाने की उम्मीद है।
सपा सांसद की सफाई
रामजीलाल सुमन ने कहा कि:“संविधान हमें अपनी राय रखने का अधिकार देता है। कुछ लोग मेरी बात से सहमत नहीं होंगे, लेकिन हिंसा और धमकी को किसी भी हाल में मंज़ूरी नहीं दी जा सकती। इस विवाद से एक ओर जहाँ सपा और करणी सेना आमने-सामने आ गई हैं, वहीं भाजपा इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमलावर है। आने वाले दिनों में ये मुद्दा राजनीतिक रूप से और भी गरमाता दिख सकता है।




