नई दिल्ली , रफ्तार डेस्क। दिल्ली में नई सरकार बन चुकी है। रेखा गुप्ता के मंत्री परिषद में छह नेताओं को जगह मिली है। इनमें कपिल मिश्रा भी शामिल हैं। नई सरकार में कपिल मिश्रा इकलौते ऐसे मंत्री हैं जो इससे पहले भी मंत्री पद संभाल चुके हैं, मुख्यमंत्री और बाकी सभी मंत्रियों के लिए एक राज्य को संभालने का ये पहला अनुभव है। कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी से अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत की थी, बाद में वो बीजेपी में शामिल हो गए थे।
कैसा रही है Kapil Mishra की Political Journey
कपिल मिश्रा का जन्म 13 नवंबर 1980 को दिल्ली में हुआ था। वह राजनीतिक माहौल में पले बढ़े, उनकी मां अन्नपूर्णा मिश्रा पूर्वी दिल्ली की मेयर रह चुकी हैं और भाजपा से जुड़ी रही हैं। पढ़ाई के दौरान ही कपिल मिश्रा सामाजिक कार्यों से जुड़े और ‘यूथ ऑफ जस्टिस’ संगठन के को-फाउंडर बने। कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी के शुरुआती दिनों में पार्टी से जुड़े। साल 2015 में वह करावल नगर से AAP विधायक बने, तब केजरीवाल सरकार में वह मंत्री भी बने। 2017 में कपिल मिश्रा ने पार्टी नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, इसके बाद उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया। बाद में कपिल मिश्रा बीजेपी में शामिल हो गए।
2023 में बने दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष
आम आदमी पार्टी से निकाले जाने के बाद कपिल मिश्रा भाजपा में शामिल हो गए। फिर पार्टी के अभियानों में सक्रियता दिखाई और हर मोर्चे पर डटे रहे। उनकी मेहनत और बेबाक छवि को देखते हुए 2023 में उन्हें दिल्ली भाजपा का उपाध्यक्ष बनाया गया।
Kapil Mishra को मिले ये विभाग
रेखा गुप्ता सरकार में कपिल मिश्रा को सात विभाग दिए गए हैं। इनमें कानून, लेबर, रोजगार, विकास, कला एवं संस्कृति, भाषा और पर्यटन विभाग शामिल हैं। कपिल मिश्रा साल 2015 से 2017 तक अरविंद केजरीवाल सरकार में जल संसाधन मंत्री रहे थे।




