नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हिट एंड रन मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को आखिरकार 90 घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। मेडिकल जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
8 फरवरी की रात शहर के पॉश इलाके ग्वालटोली स्थित VIP रोड पर तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार अनियंत्रित होकर कई राहगीरों और वाहनों से टकरा गई थी। इस हादसे में कम से कम छह लोग घायल हो गए थे। पुलिस जांच और CCTV फुटेज में सामने आया कि कार कथित तौर पर तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा चला रहे थे, हालांकि बचाव पक्ष का दावा रहा कि गाड़ी ड्राइवर चला रहा था।
कहां से हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने शिवम मिश्रा को छह बंगलिया रोड स्थित उसके घर के पास से गिरफ्तार किया। हादसे के बाद से वह कानपुर में ही छिपा हुआ था। ग्वालटोली थाने की पुलिस और स्पेशल टीम ने मिलकर कार्रवाई की। इस केस में ड्राइवर मोहन ने कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की कोशिश की थी और खुद को कार चालक बताया था, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम वांछित सूची में नहीं होने के कारण अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। हादसे के बाद सामने आए वीडियो में कुछ बाउंसर कार के आसपास दिखाई दिए। एक वीडियो में कथित तौर पर नंबर प्लेट हटाने जैसी कोशिश भी नजर आई, जबकि कुछ लोग वॉकी-टॉकी लेकर भीड़ को दूर हटाते दिखे। इन वीडियो के सामने आने के बाद पहचान छिपाने की कोशिश जैसे आरोप भी उठे हैं।
हाई-प्रोफाइल मामलों से तुलना
इस घटना की तुलना सलमान खान हिट एंड रन केस, दिल्ली BMW केस और पुणे पोर्श कांड जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों से की जा रही है, जहां ड्राइवर और असली चालक को लेकर विवाद सामने आया था। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी की रिमांड या जमानत पर फैसला हो सकता है। इस हाई-प्रोफाइल केस पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।




