नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान जैसा कि महाविकास अघाड़ी के घटक दल दावा कर रहे थे उस प्रदर्शन के आप-पास तो छोड़िए उद्धव ठाकरे, शरद पवार और कांग्रेस अपने-अपने मजबूत गढ़ों में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और उन्हें फिर एक बार इस राज्य में सत्ता से दूर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। दूसरी ओर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन है, जिसे छप्परफाड़ जनादेश महाराष्ट्र की जनता की ओर से मिला है। जिसकी कि उम्मीद खुद महायुति के नेताओं तक ने नहीं की थी। यहां विधानसभा में 288 सदस्यों की कुल संख्या में से सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति को 236 सीटें मिली हैं और विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) को सिर्फ 49 सीटों पर सिमट कर संतोष करना पड़ा है । विपक्ष की हार इतनी बड़ी है कि एमवीए के किसी भी घटक दल (कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और एनसीपी (SP) सहित) को विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद का दावा करने के लिए आवश्यक न्यूनतम सीटें भी हासिल नहीं हो सकी हैं ।
देश को तोड़ने की बात करने वालों को जनता ने उचित सबक सिखाया- कंगना
ऐसे में विभिन्न नेताओं के आ रहे बयानों के बीच फिल्म एक्ट्रेस भाजपा सांसद कंगना रनौत का भी बयान सामने आया है, जिन्होंने सीधे तौर पर कहा है कि देश को तोड़ने की बात करने वालों को महाराष्ट्र की जनता ने उचित सबक सिखाया है। नई दिल्ली रवाना होने से पहले हिमाचल प्रदेश के भुंतर हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए रनौत ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों ने विकास और स्थिर सरकार के लिए वोट किया है। कंगना इस अवसर पर उद्धव ठाकरे को निशाना बनाने से नहीं चूंकीं। उन्होंने कहा, उनकी पार्टी का पतन महिलाओं के प्रति उनके अनादर का परिणाम है। उन्होंने एमवीए की विफलता को दैत्य के भाग्य से करते हुए कहा कि मुझे उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी के लिए इसी प्रकार की बुरी विफलता की उम्मीद थी। हम पहचान सकते हैं कि कौन ‘देवता’ है और कौन ‘दैत्य’ है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन महिलाओं का सम्मान करते हैं और उनके कल्याण के लिए काम करते हैं। जबकि जो महिलाओं का असम्मान करते हैं, वह देवता तो कभी नहीं हो सकते हैं ।
कंगना ने MVA सरकार के साथ अपने पुराने अनुभव को भी किया याद
इस दौरान कंगना ने तत्कालीन ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार के साथ अपने पुराने अनुभव को भी याद किया और मीडिया को भी अपने अतीत में लेकर गईं, जहां मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा उनके बांद्रा बंगले में अवैध बदलावों के नाम पर उसमें ध्वस्तिकरण का कार्य किया गया था, जिसे कि सभी ने तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार की बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया था । उस समय कंगना रनौत ने कहा था कि उन्हें “मूवी माफिया” से ज़्यादा मुंबई पुलिस से डर लगता है। इसके साथ ही कंगना महाराष्ट्र प्रदेश की राजधानी मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से करने में पीछे नहीं रही थीं। अब उन्होंने कहा है कि इस बार के चुनाव में उनका भी ‘दैत्य’ जैसा ही हश्र हुआ है। उन्होंने मेरा घर गिरा दिया था और उनकी पार्टी के लोगों ने मुझे गालियाँ दीं थीं। जो लोग महिलाओं का सम्मान नहीं करते, वे कभी नहीं जीत सकते।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए अभिनेत्री से राजनेता बनी कंगना ने कहा कि प्रचार के दौरान उन्होंने हर बच्चे को महाराष्ट्र में मोदी-मोदी-घोष लगाते देखा है । भाजपा एक ऐसा ब्रांड है जिस पर आज भारत के लोग विश्वास करते हैं। वहीं, कंगना का कहना रहा कि उनका जन्म देश की सेवा के लिए हुआ है और वह यह मानती हैं कि उन्हें राष्ट्र कार्य में ही अपना आगे भी पूरा जीवन देना है। कंगना कह रही थीं कि महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री पर फैसला भाजपा करेगी।





