नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। झारखंड में इस साल नवंबर-दिसंबर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसको लेकर सभी पार्टियां चक्रव्यूह की रचना करने में लगी हुई हैं। इसी बीच एक और पार्टी ने सूबे के 55 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की बात कहकर अन्य पार्टियों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। हम बात कर रहे हैं झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति (JBKSS) की। JBKSS के अध्यक्ष जयराम महतो ने कहा है कि उनकी पार्टी राज्य के 55 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।
लोकसभा चुनाव 2024 में मिले थे 8.5 लाख वोट
JBKSS महज एक साल पुरानी पार्टी है, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में 8.5 लाख वोट प्राप्त की थे। जिसके बाद से सभी बड़ी पार्टियों की नजर में JBKSS पार्टी आ गई है। अब पार्टी के अध्यक्ष के द्वारा किए गए घोषणा ने अन्य दलों की बेचैनी को बढ़ा दिया है। JBKSS के अध्यक्ष जयराम महतो ने कहा कि जिन संसदीय क्षेत्रों में पार्टी ने लोकसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारा था। उन ही विधानसभा सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगी। पार्टी जमशेदपुर, खूंटी, गोड्डा आदि संसदीय क्षेत्र की सभी सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगी।
रांची में मीडिया से बात करते हुए पार्टी के अध्यक्ष जयराम महतो ने कहा कि लोकसभा चुनाव में एक साल पुरानी पार्टी ने 8.5 लाख वोट प्राप्त किए। जबकि पार्टी ने बिना कोई पैसा खर्च किए चुनाव लड़ा था।
एक ही जाति का वोट मिलने की बात को नकारा
वहीं एक ही जाति का वोट मिलने के सवाल पर महतो ने कहा कि ये बात गलत है कि हमारी पार्टी को एक ही समाज का समर्थन मिला। हमें सभी समाजों का समर्थन मिला है। जयराम महतो ने नीट की समस्या पर कहा कि वो केंद्र सरकार के नए मंत्रिमंडल से मांग करते हैं कि नीट की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।
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