नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । झारखंड आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने IM के पूर्व सदस्य अम्मार याशर को गिरफ्तार किया है, करीब दस साल जेल में रहने के बाद याशर को साल 2024 में जमानत मिली जिसके बाद वो एक बार फिर हिज्ब-उत-तहरीर में एक्टिव हो गया था। जिसमें उसने पूछताछ के दौरान बताया कि वह पहले इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़ा था। इस आरोप में उन्हें 2014 में जोधपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
26 अप्रैल को धनबाद से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन एचयूटी के आतंकी नेटवर्क पर हुए एक्शन के बाद एक और संदिग्ध को अरेस्ट कर लिया गया। जिसमें इसे मिलाकर कुल पकड़े गए लोगों में इनकी संख्या पांच हो गयी है। जिसमें पांचवा संदिग्ध पूर्व से इंडियन मुजाहिद्दीन जुड़ा अम्मार याशर है। वह ओपी क्षेत्र के शमशेर नगर का रहने वाला है।
उसके मोबाइल में प्रतिबंधित संगठन से संबंधित कई संदिग्ध दस्तावेज मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह पहले इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़ा था। इस आरोप में जोधपुर पुलिस ने उन्हें 2014 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लगभग 10 साल जेल में बिताने के बाद मई 2024 में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इसके बाद वह धनबाद निवासी अपने दोस्त अयान जावेद व अन्य आरोपियों के संपर्क में आकर आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर में शामिल हो गया। अम्मार याशर के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
इनमें 2024 में जयपुर, राजस्थान में एसओजी में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए की धाराओं के तहत दर्ज एक FIR, 2019 में लालकोठी पुलिस स्टेशन में जेल अधिनियम के तहत दर्ज एक एफआईआर और 2014 में जोधपुर, राजस्थान के प्रतापनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर शामिल है।
झारखंड एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि हिज्ब-उत-तहरीर (HUT), अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS), ISIS और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े कुछ लोग इंटरनेट मीडिया और अन्य माध्यमों से राज्य के अन्य युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़कर गुमराह कर रहे हैं।
वह अवैध हथियारों के व्यापार और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भी संलिप्त है। उपरोक्त जानकारी से प्राप्त तथ्यों के आधार पर एटीएस ने 26 अप्रैल को धनबाद जिले के विभिन्न स्थानों पर रेड मारकर बैंक मोड़ थाना क्षेत्र से चार आरोपियों को अरेस्ट किया। जिसमें तीन पुरुष गुलफाम, अयान, शहजाद आलम और एक महिला शबनम परवीन भी शामिल थी। उनके पास से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, साथ ही प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित दस्तावेज और किताबें बरामद की गईं। इस संबंध में एटीएस रांची में मामला दर्ज कर इन सबको 27 अप्रैल के लिए न्यायालय के आदेशानुसार जेल में भेज दिया गया।
फिर जेल से वापस 30 अप्रैल को पुलिस ने चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे कड़ी पूछताछ की, और इसी दौरान एक आरोपी अयान जावेद ने पांचवें आरोपी अम्मार याशर के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।





