नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार को आतंकियों की धरपकड़ करने के लिए चलाए गए ऑपरेशन में 4 आतंकवादी मारे गए हैं। इस दौरान सेना के एक कैप्टन भी शहीद हो गए हैं। वाइट नाइट कॉर्प्स ने कैप्टन दीपक सिंह के निधन पर शोक जताया है और कहा है कि हम उनके परिवार के साथ हैं।
वाइट नाइट कार्प्स की ओर से एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा गया है कि सेना के कैप्टन दीपक सिंह के बलिदान को सलाम करते हैं जिनका घावों का तांव न सहने के कारण निधन हो गया। उनके बलिदान को नमन।
मंगलवार शाम 6 बजे उधमपुर में अभियान की शुरुआत हुई थी
अधिकारियों के अनुसार कैप्टन दीपक, डोडा के अस्सर में शिवगड़ धर को लीड कर रहे थे। इस एनकाउंटर की शुरुआत मंगलवार शाम 6 बजे उधमपुर में हुई थी। कुछ देर बाद इसे रोक दिया गया और इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया।
इलाके को घेरकर चलाया गया अभियान
बुधवार सुबह इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया और आतंकवादियों के धरपकड़ के लिए जांच अभियान चलाया गया। इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हुई। सुरक्षाबलों को घटनास्थल से खून से सने चार रकसैक और M4 कार्बाइन मिले।
10 अगस्त को अनंतनाग जिले में चलाया गया था अभियान
इससे पहले 10 अगस्त को जम्मू के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई गोलीबारी में 2 सैनिकों और दो आम नागरिकों की मौत हो गई थी। यह ऑपेशन भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और CRPF मिलकर चलाया था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुलाई बैठक
अधिकारियों के अनुसार बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 78वें स्वतंत्रता दिवस से पहले कश्मीर में हो रही आतंकवाद से संबंधित घटनाओं को लेकर बैठक बुलाई इसमें डिफेंस सेक्रेट्री गिरधर अरमाने, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना के चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, मिलिट्री ऑपरेशन के डायरेक्टर जनरल लेफ्टीनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और सुरक्षा संबंधित एजेंसियों के अध्यक्ष शामिल हुए।
सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर
स्वतंत्रता दिवस से पहले जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूनियन टेरेटरी में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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