नई दिल्ली, 24 मई (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इजरायल के साथ भारत का पुराना रिश्ता रहा है और कृषि के क्षेत्र में सुधार के लिए भारत को इजरायल सहयोग देता रहा है। उसकी दी हुई कृषि तकनीक से किसानों को लाभ मिलेगा। मंत्री ने सोमवार को किसान भवन में भारत और इजरायल के बीच हुए कृषि समझौते के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इजरायल के बीच कृषि और जल के विषय पर काम करने के लिए आज एक समझौता किया गया। मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में वर्ष 1993 से भारत व इजरायल के द्विपक्षीय संबंध रहे हैं। यह 5वां इंडो-इजरायल एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट (आई.आई.ए.पी.) है। सबसे पहले आई.आई.ए.पी. पर वर्ष 2008 में 3 साल के लिए हस्ताक्षर किए गए थे। अब तक हम 4 कार्ययोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इजरायली तकनीक पर आधारित कार्य योजनाओं के अंतर्गत स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सी.ओ.ई.) अब तक बहुत सफल रहे हैं व किसानों की आय दोगुनी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। तोमर ने कहा कि भारत व इजराइल के बीच तकनीक के आदान-प्रदान से उत्पादकता व बागवानी की गुणवत्ता में बहुत सुधार होगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। इस अवसर पर, कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने कहा कि ये सी.ओ.ई., बागवानी के क्षेत्र में परिवर्तन के मुख्य केंद्र बन गए हैं। नए कार्यक्रम के दौरान उनका ध्यान, इन कार्यक्रमों के व्यापक प्रसार के माध्यम से, इन सी.ओ.ई. के आसपास के गांवों को ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’ में बदलने पर केंद्रित रहेगा। भारत में इजरायल के राजदूत डॉ. रोन मलका ने कहा कि यह तीन-वर्षीय कार्यक्रम हमारी बढ़ती भागीदारी की मजबूती को दर्शाता है। इससे स्थानीय किसानों को लाभ पहुंचेगा। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला व कैलाश चौधरी भी उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/आशुतोष





