नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । यूपी के सहारनपुर के गंगोह में शिव मंदिर तोड़े जाने की घटना के बाद सपा सांसद इकरा हसन ने भावुक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें ‘मुल्ली’ और ‘आतंकवादी’ कहा गया, जो सिर्फ उनका नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं का अपमान है। इकरा ने स्पष्ट कहा कि वह ऐसे लोगों को कभी नहीं छोड़ेंगी जो समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं।
कैराना से सांसद इकरा हसन ने बताया कि गंगोह के छप्परपुर गांव में कुछ लोगों ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इस घटना से आहत होकर वे उसी इलाके में पहुंचीं और ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिश करने वालों को जवाब देना जरूरी है ताकि सौहार्द और सम्मान की भावना कायम रहे।
“किसी भी धर्मस्थल को नुकसान पहुंचाना निंदनीय”
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सपा सांसद इकरा हसन ने हालिया विवाद पर गहरा दुःख जताया। उन्होंने कहा कि गांव में जो घटना हुई, उसने उन्हें भीतर तक आहत किया है। इकरा ने कहा कि किसी भी आस्था स्थल को खंडित करना अत्यंत निंदनीय कृत्य है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में जो लोग जेल गए हैं, उनका उन्होंने न तो समर्थन किया है और न ही किसी के पक्ष में कोई हस्तक्षेप किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी और की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद इकर हसन ने इस पूरे बयान का वीडियो ट्वीट कर साझा किया है।
ग्रामीणों से संवाद करते हुए इकरा ने हाथ जोड़कर कहा कि विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन धर्म, समुदाय या महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल समाज को तोड़ने का काम करता है। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी खुशी यह रही कि हर जाति और धर्म के लोगों ने उन्हें बेटी और बहन की तरह मानकर समर्थन दिया। मगर अब जो गालियां दी गईं, वह सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की हर महिला का अपमान है। इकरा ने यह भी स्पष्ट किया कि वे राजनीति करने नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव और सम्मान की भावना को मजबूत करने आई हैं।
दबकर राजनीति नहीं करूंगी – इकरा हसन
इकरा हसन ने आरोप लगाया कि कुछ लोग धर्म के नाम पर समाज में दरार डाल रहे हैं और उन्होंने ऐसी नफरत फैलाने वाली राजनीति का कड़ा विरोध करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बावजूद प्रशासन द्वारा गांव न जाने की सलाह के, यह उनका इलाका है और वे गांव जाकर लोगों से मिलेंगी। उन्होंने पूर्व सांसद के समर्थक के बयान की निंदा की, जिसमें उन्हें ‘आतंकवादी’ और ‘मुल्ली’ कहा गया था। इकरा ने साफ कहा कि वे दब कर राजनीति नहीं करेंगी और समाज को तोड़ने वालों को कभी नहीं छोड़ेंगी।





