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Monday, March 2, 2026
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समाजवादी पार्टी में अंदरूनी टकराव, मेरठ में जिलाध्यक्ष ने अपने ही नेताओं को बताया ‘चोर’, यह है वजह

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी में अंदरुनी कलह देखने को मिल रही है। पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी ने अपने ही नेताओं पर निशाना साधा है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर अंतर्कलह सामने आई है। सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी ने मेरठ में पार्टी की समीक्षा बैठक बुलाई थी। जिसमें कुछ नेताओं की अनुपस्थिति रही। इसे लेकर विपिन चौधरी ने उन नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कुछ नेता सिर्फ दिखावे के लिए सक्रिय हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं कर रहे बल्कि सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। विपिन चौधरी ने इन नेताओं के नाम भी लिए और स्पष्ट तौर पर उन्हें पार्टी हित के खिलाफ बताया। 

“मीटिंग में न आने वाले नेता चोर हैं”

जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी ने बैठक में अनुपस्थित नेताओं को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और उन्हें सीधे तौर पर “चोर” कह डाला। विपिन चौधरी ने कहा, “मैं इसी शहर का बेटा हूं, यहां की हकीकत से वाकिफ हूं और जब तक हूं, संघर्ष करता रहूंगा।” उन्होंने कई नेताओं का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि कुछ नेता खुद को पार्टी का कार्यकर्ता नहीं, बल्कि पहले से ही उम्मीदवार मान बैठे हैं। इतना ही नहीं, विपिन चौधरी ने कहा कि ऐसे लोगों को पार्टी संगठन की कोई परवाह नहीं है। वे कहते फिरते हैं कि सपा का तो यहां कोई संगठन ही नहीं है।

सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी ने कार्यकर्ताओं का बढ़ाया मनोबल

इस दौरान जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी ने कार्यालय में उपस्थित कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें पंचायत चुनावों के लिए पूरी ताकत से तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आप सभी पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं, पार्टी पूरी तरह आपके साथ है।”इस मौके पर जहां एक ओर उन्होंने कार्यकर्ताओं को समर्थन और साथ का भरोसा दिलाया, वहीं पार्टी के कुछ नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला भी बोला। चौधरी ने कहा, “जब अखिलेश यादव दिल्ली आते हैं, तो ये नेता उनसे मिलने दौड़ पड़ते हैं। लेकिन जमीन पर संघर्ष हम और हमारे कार्यकर्ता ही करते हैं।” 

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों का कार्यकाल पांच वर्षों का होता है और वर्तमान कार्यकाल के अंत तक यानी 2025 के आखिर में प्रदेश सरकार चुनाव कराने की तैयारियों में जुट गई है। यह चुनाव सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके आधार पर ही 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति तय होगी। ऐसे में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही यह अंदरूनी खींचतान संगठन की एकता और तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है। साथ ही यह कलह पार्टी की स्थिति को आगामी चुनावों में प्रभावित कर सकती है।

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