नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इंदौर के भागीरथपुरा में सरकारी पानी में गंभीर प्रदूषण ने एक भयावह रूप ले लिया है। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और पानी की गुणवत्ता पर लगातार अनदेखी के कारण अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, लगभग 200 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 4 की हालत गंभीर बनी हुई है। इस पूरे संकट से करीब 1500 लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। पूरे मामले ने न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी चिंता और आक्रोश बढ़ा दिया है।
“सरकार के लिए ये मौतें सिर्फ सरकारी आंकड़े हैं”
इस त्रासदी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए RJD सांसद मनोज झा ने सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, सरकार के लिए ये मौतें सिर्फ सरकारी आंकड़े हैं। मरने वाले किसी परिवार के लिए अपूरणीय हैं, केवल नंबर नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री इस मामले में चुप क्यों हैं और जिम्मेदार केवल चुनाव जीतने की कला में लगे हुए हैं, जबकि लोगों की जान खतरे में है।
मनोज झा ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय पर भी निशाना साधा
मनोज झा ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, आप खुद वो पानी कभी नहीं पीएंगे और जो मर जाएगा, उसके लिए सिर्फ मुआवजा दे देंगे। ये सोच बहुत ही संवेदनहीन है। मनोज झा ने आगे कहा कि मृत्यु केवल सरकारी आंकड़ों में दर्ज की जाती है, लेकिन परिवार और प्रभावित लोगों के लिए हर मौत अपूरणीय है। साथ ही, उन्होंने उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति के अशोभनीय बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। मनोज झा ने कहा, ऐसे बयान कोई पहली बार नहीं आया है। यह सोच ही घटिया है, लेकिन इस तरह के लोग बड़े ओहदे पर पहुंच गए हैं। मेरे लिए चिंता का विषय यह नहीं है कि मेरे राज्य के बारे में ऐसी बातें कही गई हैं, बल्कि यह कि इस तरह की मानसिकता वालों को सत्ता में आने दिया गया।
“परिवार के लिए यह अपूरणीय नुकसान है”
इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। मनोज झा ने सरकार की संवेदनहीनता और उदासीनता को बेनकाब करते हुए कहा, सरकार और मंत्री केवल फाइलों और आंकड़ों के पीछे हैं, जबकि असली पीड़ा जनता की है। हर मौत आपके लिए बस एक आंकड़ा है, लेकिन परिवार के लिए यह अपूरणीय नुकसान है।
इससे पहले, इंदौर में पानी की गुणवत्ता पर कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए। मनोज झा ने कहा, आप खुद वो पानी कभी नहीं पीएंगे और मरने वालों के लिए मुआवजा दे देंगे। ऐसा करना बहुत ही शर्मनाक है। लोगों की जिंदगियों के साथ खेला जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार केवल आंकड़ों की चिंता में लगे हैं।प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी उन्होंने सवाल उठाया। मनोज झा ने कहा, “प्रधानमंत्री जी इस मामले पर क्यों चुप हैं? क्या संवेदना मर चुकी है? यह कौन सा शासन है जिसमें लोगों की जान सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रह जाती है?”
दूषित पानी की त्रासदी ने देशभर में चिंता और गुस्सा बढ़ा दिया है
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की त्रासदी ने देशभर में चिंता और गुस्सा बढ़ा दिया है। RJD सांसद मनोज झा ने इस घटना को लेकर सरकार की संवेदनहीनता को बेनकाब किया और कहा कि मौतों को सिर्फ सरकारी आंकड़े समझना गलत है। उन्होंने प्रधानमंत्री और जिम्मेदार मंत्रियों पर सवाल उठाया कि क्या उन्हें जनता की पीड़ा की परवाह नहीं है। साथ ही, उन्होंने इस घटना को चेतावनी भी बताया कि जिम्मेदारों की उदासीनता किसी भी समय और अधिक बड़े संकट का कारण बन सकती है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर प्रशासन और नेताओं की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मनोज झा ने साफ कहा कि मरने वाले सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उनके परिवार और समुदाय के लिए अपूरणीय नुकसान हैं। इस त्रासदी ने यह भी दिखाया कि जनता केवल आंकड़ों या मुआवजे से संतुष्ट नहीं होती, बल्कि वास्तविक कार्यवाही और सुरक्षा की उम्मीद करती है।





