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Sunday, March 15, 2026
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जब अमेरिकी अखबारों ने उड़ाई खिल्ली, लोग बोले-गूंगी गुड़िया, 1977 की हार ने इंदिरा की इज़्ज़त पर सबसे बड़ी चोट

Indira Gandhi Birth Anniversary: इंदिरा गांधी ने जब सत्ता संभाली तो उनके सामने सिर्फ विपक्ष ही नहीं, अपनी ही पार्टी के नेताओं का सामना करने की भी चुनौती थी।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अक्सर आयरन लेडी कहा जाता है, लेकिन यह शक्ति उन्हें यूं ही नहीं मिली। इमरजेंसी के बाद की करारी हार, जेल, परिवार और पार्टी के भीतर की चुनौतियों के बीच 1977 से 1980 तक का उनका संघर्ष भारतीय राजनीति के इतिहास में एक अद्वितीय अध्याय है।

1977 में गई सत्ता तो.. इज़्ज़त पर आई चोट

मार्च 1977 में लोकसभा चुनाव के नतीजों ने सभी को चौंकाया इंदिरा गांधी रायबरेली से हारीं संजय गांधी अमेठी से हारे मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने और जनता सरकार की सख्ती शुरू हुई। इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री आवास 1 सफदरजंग रोड खाली करना पड़ा। उन्होंने अप्रैल 1977 में 12, विलिंग्डन क्रेसेंट में रहना शुरू किया यही जगह उनके राजनीतिक पुनर्जन्म का केंद्र बनी।

‘गूंगी गुड़िया’ समझने वालों को दिया जवाब

1966 में प्रधानमंत्री बनने पर कई वरिष्ठ नेताओं को लगता था कि वे कठपुतली होंगी। अमेरिकी अखबारों ने भी उनका मज़ाक उड़ाया भारत की नई नेता भीख मांगने चली आई। लेकिन उन्होंने साबित किया कि वे मजबूत और निर्णायक नेतृत्व रखती हैं।

अक्टूबर 1977 में CBI ने गिरफ्तार किया

यह बंगला सादा था, पर 1977-80 के दौरान यह भारतीय राजनीति का ध्रुवतारा बन गया। यहीं कार्यकर्ताओं की भीड़ रोज़ उमड़ती सोनिया घर संभालतीं मेनका सूर्या पत्रिका चलातीं इंदिरा गांधी पर आरोप लगाए गए, शाह आयोग बना और अक्टूबर 1977 में CBI ने गिरफ्तार किया उन्होंने निडर होकर कहा,“हथकड़ी लगाओगे तभी जाऊंगी। यह गिरफ्तारी उनके लिए राजनीतिक वरदान बन गई देश में सहानुभूति की लहर दौड़ पड़ी। पुनरुत्थान की नींव जनता के बीच, जमीन पर इंदिरा गांधी ने जनता के बीच वापसी की दलित हत्याकांड के बाद बेलछी गांव हाथी पर बैठकर पहुंचीं तस्वीरों ने पूरे देश में उन्हें फिर नेता बना दिया यह उनकी वापसी का पक्का संकेत बना। पार्टी टूट गई, पर इंदिरा मजबूत होती गईं कांग्रेस दो हिस्सों में बंट गई कांग्रेस (i) इंदिरा की कांग्रेस (O) विपक्षी गुट जनवरी 1978 में वे फिर कांग्रेस अध्यक्ष बनीं। लेकिन परेशानियां खत्म नहीं हुईं दिसंबर 1978 में फिर गिरफ्तारी संसद से निष्कासन धार्मिक आस्था बढ़ी, पर लड़ाई नहीं छोड़ी। सबसे बड़ा सदमा संजय गांधी की मौत जून 1980 संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत मां और नेता दोनों के रूप में इंदिरा टूट गईं लेकिन उन्होंने राजीव गांधी को राजनीति में उतारा और आगे बढ़ती रहीं।

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