नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। इस सैन्य अभियान ने ना सिर्फ दुश्मन को चेताया, बल्कि भारत की सैन्य ताकत को भी दुनिया के सामने दिखाया। अब खबर आ रही है कि केंद्र सरकार देश की रक्षा तैयारियों को और मजबूत करने जा रही है।
50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त रक्षा बजट
सरकार जल्द ही रक्षा बजट में 50,000 करोड़ रुपये का इजाफा कर सकती है। यह प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय की ओर से दिया गया है और उम्मीद है कि इसे नवंबर-दिसंबर में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मंजूरी मिल सकती है।
7 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकता है कुल रक्षा बजट
अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो भारत का कुल रक्षा बजट पहली बार 7 लाख करोड़ रुपये से ऊपर चला जाएगा। इससे पहले 1 फरवरी को पेश बजट में रक्षा के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपये तय किए गए थे, जो पिछले साल की तुलना में 9.2% ज्यादा था।
हथियारों और गोला-बारूद की खरीद होगी तेज
सूत्रों के अनुसार, यह अतिरिक्त पैसा गोला-बारूद के स्टोर बढ़ाने, नए हथियारों की खरीद, लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और रिसर्च एंड डिवेलपमेंट (R&D) में खर्च किया जाएगा। इससे सेना की क्षमता और आधुनिकता में बड़ा इजाफा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की शुरुआत से ही रक्षा खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 2014-15 में रक्षा बजट 2.29 लाख करोड़ रुपये था, जो अब 6.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यह देश के कुल बजट का करीब 13% हिस्सा है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ से स्वदेशी सिस्टम की ताकत सामने आई
इस ऑपरेशन में भारत ने स्वदेशी तकनीकों का जमकर इस्तेमाल किया। खासतौर पर ‘आकाश मिसाइल प्रणाली’ ने एयर डिफेंस में अहम भूमिका निभाई, जिसकी तुलना अक्सर इजरायल के ‘आयरन डोम’ से की जाती है। हाल ही में भारत ने एक नई एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी का भी सफल परीक्षण किया है। इसका नाम है ‘भार्गवस्त्र’। यह एक ‘हार्ड किल’ काउंटर-ड्रोन सिस्टम है जो माइक्रो-रॉकेट्स से दुश्मन के ड्रोन को मार गिराता है। इसका परीक्षण ओडिशा के गोपालपुर में किया गया।




