देश में लगातार बढ़ते कोरोना मामलों की वजह से भारत की जीडीपी 6% सिकुड़ने का अनुमान मुंबई| देश में लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना के मामलों और लंबे समय से प्रतिबंधों के कारण भारत की जीडीपी 6 फीसदी तक सिकुड़ने का अनुमान है। एक विदेशी ब्रोकरेज कंपनी ने यह आशंका व्यक्त की है। बोफो सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2021 में सकल घरेलू उत्पाद का 6 प्रतिशत तक संकुचित हो सकता है। इससे पहले 4 प्रतिशत तक संकुचन की उम्मीद जताई गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि कोरोना वायरस के खिलाफ टीका विकसित करने में देरी होती है, तो जीडीपी संकुचन 7.5 प्रतिशत तक जा सकता है। विश्लेषकों ने कहा कि केन्द्र सरकार ने कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए मार्च में लॉकडाउन शुरू हुआ था, जिसके बाद इस बार-बार बढ़ाया गया। इसके चलते आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। हालांकि बाद में अनलॉक करने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन स्थानीयकृत लॉकडाउन अधिक संख्या में होने के तेजी देखने को नहीं मिल रही है। विश्लेषकों ने कहा कि कोरोना के मामले लगातार बढ़ने के चलते उन्हें मौजूदा प्रतिबंधों के मध्य नवंबर तक खिंचने की उम्मीद है। इस आधार पर लॉकडाउन के हर महीने के लिए जीडीपी का एक प्रतिशत अंक कम होता है। जीडीपी में गिरावट का असर राजकोषीय गणित पर भी पड़ेगा और केंद्र के राजकोषीय घाटा आधारभूत परिदृश्य में सात फीसदी पर आ जाएगा। Thank You, Like our Facebook Page – @24GhanteUpdate 24 Ghante Online | Latest Hindi News-24ghanteonline.com




