नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। जी-20 शिखर सम्मेलन (G-20 Summit) पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) द्वारा आयोजित डिनर समारोह में विदेशी मेहमानों के साथ देश के कई मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को डिनर का आमंत्रण नहीं मिला था। ऐसे में कांग्रेस शासित राज्य के कई मुख्यमंत्री समारोह में शामिल नहीं हुए। अब कांग्रेस ने इस डीनर में ममता बनर्जी के शामिल होने पर सवाल खड़ा किया है।
ममता नहीं जाती तो महाभारत अशुद्ध नहीं हो जाता: कांग्रेस
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने ममता के डिनर समारोह में शामिल होने पर कहा कि इससे मोदी सरकार के खिलाफ ममता बनर्जी का रुख कमजोर होगा। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी डिनर में शामिल नहीं होती तो आसमान नहीं टूट पड़ता। महाभारत अशुद्ध न हो जाता। कुराण अपवित्र नहीं हो जाता। यह भी सवाल उठाया कि ममता के इस डिनर समारोह में शामिल होने के पीछे क्या कोई और मंशा थी?
कांग्रेस तय नहीं करेगी की हम किस कार्यक्रम में शामिल हों या नहीं: TMC
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस बात पर ध्यान खींचा कि खाने की मेज पर बंगाल की मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संग बैठीं थीं। अधीर चौधरी ने कहा कि कई गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों ने रात्रिभोज कार्यक्रम में भाग लेने से परहेज किया, लेकिन ममता जल्दबाजी में दिल्ली पहुंच गईं। इस पर टीएमसी के राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता चौधरी को प्रशासनिक दृष्टिकोण से पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल के बारे में टिप्पणी नहीं देना चाहिए। चौधरी तय नहीं करेंगे कि प्रोटोकॉल के तहत राज्य के मुख्यमंत्री जी-20 में शामिल होने के लिए कब जाएंगे।
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