नई दिल्ली, 19 मई (हि.स.)। दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश की वजह से कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के टेंट गीले हो गए और आंदोलनरत किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि आज आंदोलन को 174 दिन बीत गए लेकिन सरकार किसानों को नजरंदाज कर रही है। मोर्चे ने बयान में कहा कि भारी बारिश से किसानों के टेंट व ट्रॉलियां में भारी नुकसान हुआ है। आंदोलनरत किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसके लिए केन्द्र सरकार ही जिम्मेदार है। उल्लेखनीय है कि भारी बारिश के चलते किसानों के लंगर व रहने के प्रबंधन में अव्यवस्था आयी है। सड़कों व ढलान वाली जगहों पर पानी भर गया। किसानों ने स्थिति को संभालने की कोशिश कर दी है। मोर्चे ने कहा कि बारिश का असर जितना ज्यादा है, उतना ही बड़ा किसानों का हौंसला है। उपलब्ध संसाधनों की मदद से स्थिति को संभाला जा रहा है। सरकार की तरफ से कोई प्रबंध नहीं होने से किसान खुद ही इन हालातों से लड़ रहे हैं। किसान आंदोलन में अब तक 470 से ज्यादा किसान शहीद हो गए है लेकिन सरकार कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/आशुतोष




