नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। ओडिशा में पुलिस की क्रूरता का एक मामला सामने आया है। दरअसल एक आर्मी ऑफिसर और उनकी मंगेतर यहां रोडरेज की शिकायत दर्ज कराने के लिए आए थे। महिला ने इस घटना की आपबीती मीडिया को बताई है, जिसको जानकार सभी हैरान है। आर्मी ऑफिसर की मंगेतर ने बताया है कि जब वे भुवनेश्वर के भरतपुर पुलिस स्टेशन में रोडरेज की शिकायत लिखाने के लिए गए थे तो पुलिस ने उनकी सहायता करने की बजाय उल्टा उनके साथ ही प्रताड़ना की है।
महिला भुवनेश्वर में अपना रेस्टोरेंट चलाती हैं
पीड़ित महिला के मंगेतर आर्मी ऑफिसर हैं, जो कि सिख रेजिमेंट में सेवारत हैं। महिला भुवनेश्वर में अपना रेस्टोरेंट चलाती हैं। महिला ने एक न्यूज एजेंसी को बताया है कि वह रात को 1 बजे के करीब रेस्टोरेंट को बंद करके अपने घर जा रही थी। लेकिन तभी कुछ युवकों ने हमारे साथ दुर्व्यवहार किया। जिसके बाद हमने पुलिस से मदद लेने का निर्णय लिया और भरतपुर पुलिस स्टेशन में गए।
मेरे मंगेतर(आर्मी ऑफिसर) ने पुलिस कंप्लेंट दर्ज करने को कहा
महिला ने मीडिया को बताया कि जब हमने थाने में पहुंचकर रोडरेज की शिकायत दर्ज करने के लिए सिविल ड्रेस में बैठी एक महिला कांस्टेबल को कहा तो वह मदद करने की जगह हमसे दुर्व्यवहार करने लगी। लेकिन तभी वहां कुछ और पुलिसकर्मी भी पहुंचे। जिनको मेरे मंगेतर(आर्मी ऑफिसर) ने पुलिस कंप्लेंट दर्ज करने को कहा। पुलिसकर्मी शिकायत दर्ज करने की जगह मेरे मंगेतर(आर्मी ऑफिसर) पर भड़क गए और उनको लॉकअप में डाल दिया।
महिला ने बताया कि उन्होंने इसका विरोध किया और पुलिसकर्मियों से कहा कि यह गैरकानूनी है, आप इस तरह से आर्मी ऑफिसर को पुलिस हिरासत में नहीं रख सकते हैं। महिला ने बताया कि जैसे ही उन्होंने पुलिस को ऐसा कहा तो वहां मौजूद दो महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। जब महिला पुलिसकर्मियों ने उनकी गर्दन पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों के हाथ में काट दिया था।
पुलिसकर्मी ने महिला को रेप की भी धमकी दी
इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें खूब पीटा और हाथ-पैर बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया। थोड़ी देर बाद एक पुरुष पुलिसकर्मी दरवाजा खोलकर अंदर आता है और उनके सीने पर लाते मारने लगता है। महिला ने मीडिया को बताया कि उस पुरुष पुलिसकर्मी ने उनकी पेंट उतार दी। इसके बाद उसने अपनी पेंट उतारी और उन्हें अपना प्राइवेट पार्ट दिखाने लगा। उसने महिला को रेप की भी धमकी दी। महिला का मामला मीडिया में आने के बाद पुलिस के बड़े अधिकारी तुरंत एक्शन में आए और डीएसपी नरेंद्र कुमार बेहरा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की 5 सदस्यीय टीम को जांच के लिए भरतपुर पुलिस स्टेशन भेजा। जहां पुलिस की वरिष्ठ टीम ने 4 घंटे से भी अधिक समय तक पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।
इस मामले में 5 पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है
पुलिस ने इस मामले में 5 पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए पुलिसकर्मियों में आईआईसी दीनाकृष्ण मिश्रा, सब इंस्पेक्टर बैसलिनी पांडा, एएसआई सलिलामयी साहू, सागरिका रथ और कांस्टेबल बलराम हांडा के नाम शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी DGP से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि इस मामले में ओडिशा पुलिस ने सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित महिला उद्यमी होने के साथ साथ एक वकील भी हैं, उनके पिता एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर हैं।





