नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सिकंदराबाद थाना क्षेत्र में एक चार साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी और फिर उसकी निर्मम हत्या की वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी। हालांकि, इस बार ‘यूपी पुलिस’ का इकबाल बुलंद दिखा और पुलिस ने महज़ 180 मिनट यानी 3 घंटे के भीतर ही हैवानों को उनके अंजाम तक पहुँचा दिया। भागने की कोशिश कर रहे दोनों आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया है।
किराएदार ने ही लूटी आबरू
यह पूरी घटना सिकंदराबाद थाना इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार के घर में ही आरोपी राजू और वीरा कश्यप बतौर किराएदार रह रहे थे। किसे पता था कि जिन लोगों को छत नसीब कराई गई, वही लोग मासूम के लिए काल बन जाएंगे। शनिवार शाम को 4 साल की मासूम अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
हरकत में पुलिस: 3 घंटे का ‘काउंटडाउन’
देर रात जब बच्ची का शव घर के पीछे एक सुनसान जगह पर बरामद हुआ, तो कोहराम मच गया। मासूम के साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया गया था, बल्कि पहचान उजागर न हो जाए, इस डर से उन दरिंदों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। बच्ची के पिता ने जब पुलिस को सूचना दी, तो उन्होंने अपने ही घर में रहने वाले दो युवकोंराजू (निवासी लखीमपुर) और वीरा कश्यप (निवासी बलरामपुर)पर शक जताया। पिता का शक यकीन में तब बदल गया जब दोनों युवक मौके से फरार पाए गए।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए बुलंदशहर पुलिस फौरन एक्शन मोड में आ गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस को इनपुट मिला कि दोनों आरोपी कांवरा रोड स्थित एक निर्माणाधीन कॉलोनी के पास छिपे हुए हैं और जिले से बाहर भागने की फिराक में हैं।
एनकाउंटर और न्याय की पहली दस्तक
पुलिस ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरा देख आरोपियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय खाकी पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जंगल के सन्नाटे में गोलियों की गूँज ने यह साफ कर दिया कि अपराधी आसानी से हार मानने वाले नहीं थे।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। आत्मरक्षार्थ की गई फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और वे वहीं ढेर हो गए। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से राजू और वीरा कश्यप को दबोच लिया। घायल अवस्था में दोनों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कानून का खौफ और जनता का आक्रोश
शुरुआती पूछताछ में ही दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया और फिर उसे खेत में फेंक कर फरार हो गए थे। पुलिस के इस त्वरित एक्शन की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है, क्योंकि शिकायत दर्ज होने के महज 3 घंटे के भीतर ही दरिंदों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया गया।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में मासूमों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बुलंदशहर पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी करेंगे ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जा सके।क्षेत्र के लोगों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे दरिंदों के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। वहीं, पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी।





