नई दिल्ली, 31 मई (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-रोपड़ ने अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक आईओटी डिवाइस- ऐम्बिटैग विकसित की है। यह डिवाइस खराब होने वाले उत्पादों, वैक्सीन और यहां तक कि शरीर के अंगों व रक्त की ढुलाई के दौरान उनके आसपास का रियल टाइम तापमान दर्ज करती है। कोविड-19 वैक्सीन, अंगों और रक्त के परिवहन सहित वैक्सीन के लिए यह जानकारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध डिवाइसों से अधिक समय तक चलेगी एडब्ल्यूएडीएच परियोजना समन्वयक डॉ. सुमन कुमार ने सोमवार को कहा कि ‘ऐम्बिटैग’ एक यूएसबी के आकार का उपकरण है जो एक बार रिचार्ज होकर पूरे 90 दिन के लिए किसी भी टाइम जोन में -40 से +80 डिग्री तक के वातावरण में निरंतर तापमान दर्ज करती है। उन्होंने कहा कि अंतराराष्ट्रीय बाजार में पहले से उपलब्ध इस तरह की डिवाइस सिर्फ 30-60 दिनों तक की अवधि के लिए तापमान दर्ज करती हैं। डॉ. सुमन ने कहा कि जब तापमान पूर्व निर्धारित सीमा से ऊपर जाता है तो यह एक अलर्ट जारी करती है। दर्ज किए गए डाटा को किसी कंप्यूटर को यूएसबी से जोड़कर हासिल किया जा सकता है। डिवाइस को प्रौद्योगिकी नवाचार हब – एडब्ल्यूएडीएच (कृषि एवं जल तकनीकी विकास हब) और उसके स्टार्टअप स्क्रैचनेस्ट के तहत विकसित किया गया है। एडब्ल्यूएडीएच भारत सरकार की एक परियोजना है। कुमार ने कहा कि यह डिवाइस आईएसओ 13485:2016, ईएन 12830:2018, सीई और आरओएचएस से प्रमाणित है। अभी भारत दूसरे देशों से बड़ी मात्रा में करता है आयात स्क्रैचनेस्ट के संस्थापकों और निदेशकों में से एक अमित भट्टी ने कहा, अभी तक, ऐसी डिवाइसों को भारत में सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग, आयरलैंड और चीन जैसे दूसरे देशों से बड़ी मात्रा में आयात किया जा रहा है। एडब्ल्यूएडीएच परियोजना निदेशक प्रो. पुष्पेंद्र पी. सिंह ने कहा कि यह डिवाइस कोविड वैक्सीन के उत्पादन केंद्र से देश के किसी भी कोने में स्थित टीकाकरण केंद्र तक ढुलाई में लगी सभी कंपनियों को 400 रुपये की उत्पादन लागत पर उपलब्ध होगी। सब्जियों, मीट और डेयरी उत्पादों सहित खराब होने वाले उत्पादों के अलावा यह परिवहन के दौरान जानवरों के सीमेन के तापमान की भी निगरानी कर सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील




