वियना, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी यूक्रेन में अब बंद हो चुके चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए एक सहायता मिशन का नेतृत्व करेंगे। जिसका उद्देश्य चल रहे मॉस्को-कीव युद्ध के मद्देनजर परमाणु दुर्घटना के खतरे को रोकने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है। इसकी घोषणा वियना स्थित यूएन निकाय ने की। एजेंसी ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान में कहा, आईएईए न्यूक्लियर सेफ्टी, सुरक्षा और सेफगार्ड्स स्टाफ 26 अप्रैल से चेरनोबिल में महत्वपूर्ण उपकरण देने और साइट पर रेडियोलॉजिकल समेत अन्य चीजों का आकलन करेगी। ग्रॉसी के अनुसार, आईएईए टीम का परमाणु ऊर्जा संयंत्र का दौरा बेहद खास रहने वाला है। उनका यह दौरा हमारी गतिविधियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह संयंत्र के नियामक नियंत्रण को बहाल करेगी और इसके सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित भी करेगी। इसके बाद आने वाले हफ्तों में आईएईए मिशन और यूक्रेन में अन्य परमाणु सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। ग्रॉसी ने आगे कहा, वह अपनी यात्रा के दौरान, टीम ऑपरेटर को कई प्रकार के विकिरण निगरानी उपकरण प्रदान करेंगे, जिसमें रेडियोन्यूक्लाइड पहचान उपकरण और गामा डोज रेट मीटर शामिल होंगे। इसके बाद ग्रासी ने कहा, हमारे वैज्ञानिक माप और तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर, हम वहां रेडियोलॉजिकल स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। चेरनोबिल संयंत्र से रूसी सेना के लौटने के बाद यूक्रेन ने सुरक्षित संचालन के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जहां अब कई तरह के रेडियोऐक्तिव वेस्ट मैनेजमेंट सुविधाएं मौजूद हैं। इस बीच तीन सप्ताह में कर्मचारियों का पहला रोटेशन किया गया, और इस हफ्ते की शुरूआत में संयंत्र और परमाणु नियामक के बीच सीधा संचार फिर से स्थापित किया गया। जो एक महीने से ज्यादा समय तक के लिए बंद था। लेकिन क्षतिग्रस्त पुलों और डी-माइनिंग गतिविधियों के कारण, आसपास के क्षेत्र में स्थिति अभी भी कठिन बनी हुई है। –आईएएनएस पीके/आरएचए




