नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । आज लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन को लेकर बिल पेश किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में बोर्ड से जुड़ा विधेयक पेश किया है। प्रश्नकाल के दौरान पेश इस बिल पर चर्चा की जानी है। बिल के पेश होने के बाद पूरा विपक्ष एकजुट होकर इसका पुरजोर विरोध कर रहा है। और मुसलमान समुदाय भी इस बिल के खिलाफ देशभर में आंदोलन की चेतावनी दी है। इस बीच पूरे देशभर में वक्फ बोर्ड इस वक्त काफी चर्चा में है, चाय की टपरी से लेकर संसद तक इसे लेकर हंगामा जारी है।
मुस्लिम समुदाय और विपक्ष केंद्र सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग कर रहे है तो, संसद में विपक्ष और देश भर में मुसलमानों ने बिल के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। ये तो बात हुई संसद की, लेकिन आम लोगों को इस वक्फ बोर्ड और बिल को लेकर शायद स्पष्ट जानकारी नहीं है, ऐसे में वो जानना चाहते हैं कि ये आखिर क्या मसला है और इस बोर्ड के पास कुल कितनी प्रॉपर्टी है। आइए हम आपको इन सवालों का जवाब देते हैं।
क्या है वक्फ बोर्ड?
जानते है कि वक्फ बोर्ड क्या है। यह एक धार्मिक संगठन या बोर्ड है, जो इस्लामिक सिद्धांतों पर चलता है। वक्फ बोर्ड करीब 500-600 साल पुराना है। इसमें इस्लाम को मानने वाले लोग बोर्ड को दान में जमीन देते है, जिसमें सबसे ज्यादा भूमि दान शामिल है। दान किए हुए जमीन बोर्ड की संपत्ति में जोड़ा जाता है। सरकार के बाद अगर जमीन सबसे ज्यादा है तो वो है वक्फ बोर्ड के पास। ये एक ऐसी एक संस्था है, जिसके पास सबसे ज्यादा जमीनें हैं।
किस चीज के लिए मिलती है जमीन?
वक्फ बोर्ड के पास इस वक्त जितनी भी संपत्ति है वो से किसी न किसी रूप से धार्मिक उद्देश्यों के लिए ही दी जाती हे। जैसे- कब्रिस्तान के लिए जमीन, मदरसों के लिए, दरगाहों और मस्जिदों के लिए जमीन दी जाती रही हैं। बोर्ड को जमीन देने का दौर मुगल काल से ही चला आ रहा है।
वक्फ के पास कुल कितनी है संपत्ति?
देश में वक्फ बोर्ड की कुल संपत्ति को लेकर कई रिपोर्ट में अलग-अलग आंकड़े बताए गए है। कुछ रिपोर्ट की मानें तो देश में वक्फ बोर्ड के पास कुल 9 लाख एकड़ से भी ज्यादा जमीन है। जिसकी कीमत एक लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताई जाती है। वक्फ असेट मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बोर्ड के पास कुल 8.72 लाख अचल संपत्तियां हैं। हालांकि ये आंकड़े साल 2022 में जारी किए गए थे।
क्यों मचा है बवाल?
बता दें कि, केंद्र सरकार की तरफ से वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने के लिए संशोधन विधेयक लाया गया है। केंद्र का कहना है कि, इसका मकसद वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग रोकना है। साथ ही इससे पारदर्शिता भी आएगी। इस संशोधन बिल में गैर मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करना, कलेक्टर को संपत्ति सर्वे का अधिकार और वक्फ के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती का प्रावधान रखा गया है। वहीं, मुस्लिम समुदाय इस बिल के खिलाफ है। और देश भर में आंदोलन की चेतावनी दी। मुसलमानों का कहना है कि ये उनकी धार्मिक स्वतंत्रता के लिए बड़ा खतरा है। इससे वक्फ संपत्तियों पर बोर्ड का अधिकार कम हो जाएगा। आरोप लग रहा है कि सरकार इस बिल को लागू करके बोर्ड को अपने कंट्रोल में करना चाहती।




