नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । वक्फ संशोधन बिल 2024 बुधवार देर रात को लोकसभा से पारित कर दिया गया। आज यह बिल राज्यसभा में राज्यसभा में दोपहर 1 बजे पेश किया जाए और इस बिल पर करीब आठ घंटे बहस करने को समय निर्धारित किया गया है। हालांकि विपक्ष की मांग पर चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है। इस बीच वक्फ की संपत्ति को लेकर देश में बहस छिड़ी हुई है। लोकसभा में अपने भाषण के दौरान देश के गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से जुड़ा ब्यौरा पेश किया। ऐसे में आइये जानते हैं देश में वक्फ संपत्ति की शुरुआत कब से हुई।
कैसे हुए वक्फ संपत्ति की शुरुआत
भारत में वक्फ संपत्ति का इतिहास करीब 500-600 साल पुराना रहा है। उस समय दो गांवों से संपत्ति की शुरुआत हुई। अब यह बढ़कर 39 लाख एकड़ तक पहुंच गई है। भारत में वक्फ बोर्डों के तहत भूमि पिछले 12 सालों में दोगुनी हो गई है। वक्फ संपत्ति से जुड़ा ब्यौरा गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान दिया। शाह ने कहा कि 1913 से 2013 तक वक्फ पास कुल 18 लाख एकड़ जमीन थी। 2013 से 2025 के बीच इसमें 21 लाख एकड़ जमीन हो गई। गृहमंत्री ने कहा कि 39 लाख एकड़ में से 21 लाख एकड़ जमीन 2013 के बाद जोड़ी गई है।
फिलहाल कितनी है संंपत्ति
मौजूदा समय में वक्फ बोर्ड 8.72 लाख संपत्तियों का मालिक है। गृहमंत्री ने बताया कि पहले के सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में वक्फ बोर्ड 9.4 लाख एकड़ क्षेत्र के 8.72 लाख संपत्तियों का स्वामित्व रखता है। अमित शाह ने लोकसभा में बोर्ड से जुड़ी संपत्ति का ब्यौरा पेश किया। विपक्ष बिल का विरोध कर रहा था। शाह ने उन्हें करारा जवाब दिया। बता दें कि वक्फ का तात्पर्य उन संपंत्तियों से है जो इस्लामी कानून के तहत धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए दान दी जाती है।
20 हजार संपत्तियां बेची गईं
बता दें कि, फिलहाल देश भर में 30 वक्फ बोर्ड हैं। गृहमंत्री ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी और कुछ लोगों द्वारा उनके दुरुपयोग किए जाने को आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड को पट्टे पर दी गई संपत्तियां 20 हजार थीं लेकिन 2025 के रिकॉर्ड के अनुसार ये संपत्तियां शून्य हो जाएंगी। ये संपत्तियां कहां गईं? किसकी अनुमति से इसे बेचा गया। भारत में वक्फ भूमि के दावे को लेकर काफी बहस और विवाद रहा है। बोर्ड में पारदर्शिता और निगरानी के लिए केंद्र सरकार वक्फ संशोधन विधेयक लेकर आई, जो की लोकसभा में पास कर दिया और आज राज्यसभा में पारित होने है।





