नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में बुधवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया जा रहा था, लेकिन यह खुशी का दिन एक बड़ी त्रासदी में बदल गया। स्टेडियम के बाहर मची भीषण भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई और 33 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
2-3 लाख लोग पहुंचे, गेट तोड़े, मच गई भगदड़
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि स्टेडियम की अधिकतम क्षमता 35,000 लोगों की थी, लेकिन अनुमान के अनुसार वहां 2 से 3 लाख लोग पहुंच गए। ज्यादा भीड़ के दबाव में लोगों ने स्टेडियम के गेट तोड़ दिए और अंदर घुसने की कोशिश करने लगे, जिससे भगदड़ मच गई। घटना के बाद पुलिस ने घायलों को तुरंत पास के बॉरिंग अस्पताल और वैदेही अस्पताल भेजा। लेकिन भीड़भाड़ की वजह से एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। एक और हादसे में एक युवक स्टेडियम गेट पर चढ़ते समय गिर गया और उसका पैर टूट गया।
CM का बयान: हादसे पर राजनीति नहीं करेंगे
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, “यह एक बेहद दुखद हादसा है। हमारी सरकार इस पर कोई राजनीति नहीं करेगी। हमने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जो 15 दिन में रिपोर्ट देगी। साथ ही सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा और घायलों के फ्री इलाज का ऐलान किया है।
मरने वालों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल
अधिकारियों ने बताया कि अब तक जिन 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, उनमें 13 साल की दिव्यांशी, 19 साल की चिन्मयी, और कई युवक-युवतियां शामिल हैं। बॉरिंग अस्पताल: दिव्यांशी (13), दीया (26), श्रवण (21), एक अज्ञात लड़की, एक 17 साल का लड़का और एक पुरुष वैदेही अस्पताल: भूमिक (20), सहाना (19), दो अज्ञात पुरुष (20 और 35 वर्ष) इस हादसे के बाद RCB फ्रेंचाइजी और सरकार ने सभी से संयम रखने और आगे ऐसी घटनाएं न दोहराने की अपील की है। साथ ही आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं। RCB की जीत के इस जश्न ने यह दिखा दिया कि सुरक्षा और आयोजन की प्लानिंग कितनी जरूरी होती है। सरकार और पुलिस की लापरवाही ने 11 परिवारों को उजाड़ दिया और कई लोगों की जिंदगी खतरे में डाल दी।




