नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर आज विवाद बढ़ गया। आज हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी है। बड़ी तादाद में हिंदू संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि इस प्रदर्शन की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इसी बीच हिमाचल सीएम सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि यह मुद्दा अवैध निर्माण का है। इसे मस्जिद विवाद से ना जोड़ें।
क्या है मामला?
शिमला के संजौली क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर कुछ दिनों पहले स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था और मस्जिद का घेराव किया था। ये सभी लोग अवैध निर्माण को तोड़ने की मांग कर रहे थे। लोगों ने पहले संजौली बाजार में विरोध मार्च निकाला फिर मस्जिद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर हिंदू संगठनों ने आज यानी 11 सितंबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया था। हिंदू संगठनों की मांग है कि मस्जिद का अवैध निर्माण तुड़वाया जाए।
धारा 163 लागू
वहीं इस प्रदर्शन को लेकर सीएम के मीडिया सलाहकार ने कहा है कि अवैध निर्माण को लेकर लोगों शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। आज के प्रदर्शन को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह तैयार है, ताकि शांति बनी रहे। उन्होंने कहा कि धारा 163 पहले ही लगा दिया गया है।
जमकर हो रही सियासत
मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर हिमाचल प्रदेश में सियासत गर्म है। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में शिमला के संजौली क्षेत्र में मस्जिद निर्माण के मुद्दे पर कड़ाई से अपनी बात उठाई थी। उन्होंने कहा था कि संजौली बाजार में महिलाओं का चलना मुश्किल हो गया है। चोरियां हो रही हैं, लव जिहाद जैसी घटनाएं हो रही है। जो देश और प्रदेश के लिए काफी खतरनाक है। वहां पर एक मस्जिद का अवैध निर्माण हुआ है। पहले एक मंजिल बनाई, फिर बिना परमिशन के कई मंजिलें बनते गईं। कुछ ही समय में धीरे-धीरे 5 मंजिल की मस्जिद बना दी गई। उन्होंने विधानसभा में अपने ही सरकार के प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि मस्जिद के अवैध निर्माण का बिजली और पानी क्यों नहीं काटा गया।
ये विवाद कैसे शुरू हुआ?
दरअसल इस विवाद की शुरुआत मल्याणा में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच हुए संघर्ष के बाद शुरू हुई। आरोप है कि एक मुस्लिम व्यक्ति ने शिमला के ही एक दुकानदार यशपाल सिंह पर हमला कर दिया। जिससे उनके सिर में काफी गंभीर चोटें आई और उनको 14 टांके लगाए गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। लोगों ने बदली डेमोग्राफी को लेकर भी चिंताएं जाहिर की थी।





