रावण को उसके वास्तविक चरित्र से परिचित कराने वाला अगर कोई उसे मिला था, तो वे श्रीजानकी जी ही थी। नहीं तो रावण की पूरी सभा में, उसे केवल झूठी प्रशंसा वालों ने ही घेर रखा था। रावण को जब माता सीता ने यह कहा, कि तूं तो महज एक क्लिक »-www.prabhasakshi.com




