गुरुग्राम, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। गुरुग्राम में खुले स्थानों पर जुमे की नमाज अदा करने को लेकर चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को मुस्लिम समूहों के बीच इसी तरह के मुद्दे पर एक नया विवाद सामने आया। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के खिलाफ गुरुग्राम मुस्लिम परिषद और मुस्लिम एकता मंच ने उपायुक्त को अपना ज्ञापन सौंपा है। सोमवार को जिला प्रशासन के साथ बैठक के बाद एमआरएम ने फैसला किया कि जुमे की नमाज छह अस्थायी जगहों सहित 18 जगहों पर होगी। गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल और मुस्लिम एकता मंच के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने सोमवार के फैसले को खारिज कर दिया और दावा किया कि यह खुले स्थानों पर नमाज को रोकने का एक कपटपूर्ण प्रयास है। इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उन्हें मुस्लिम राष्ट्रीय मंच या मुट्ठी भर मौलवी पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा, वे नमाज साइट को 37 से कम करने का फैसला कैसे कर सकते हैं (जिला प्रशासन के साथ सहमति के अनुसार)? सैकड़ों मौलवियों और हजारों मुस्लिम समुदाय के सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए बहुत छोटे, फ्रिंज और बदनाम समूह को यह अधिकार किसने दिया है? यह अवैध बैठक थी। इसे गुप्त और संदिग्ध रूप से आयोजित किया गया। –आईएएनएस एसजीके/एएनएम




