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कोरोना के चलते देश लौटे भारतीयों की वापसी सुगम बनाने में मदद करेंगे खाड़ी देश : एस. जयशंकर

नई दिल्ली, 15 मार्च (हि.स.)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उम्मीद जताई है कि खाड़ी क्षेत्र के देश ऐसे भारतीयों की वापसी को सुगम बनाने में मदद करेंगे, जिन्हें कोविड-19 महामारी के कारण भारत लौटने को मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार विदेशों में काम करने वाले लोगों के रोजगार की चिंताओं से भी पूरी तरह से अवगत है और उनकी मदद के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। यह बातें विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को विदेशों में रहने वाले भारतीयों के हितों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए संसद में कहीं। दरअसल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विदेशों में रहने वाले भारतीयों, गैर-निवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) के कल्याण संबंधी मुद्दे पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले साल कोविड-19 महामारी को देखते हुए विभिन्न देशों में लॉकडाउन लगाया गया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर विदेश मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा अन्य मंत्रालयों के समन्वय से ‘वंदे भारत मिशन’ चलाया गया ताकि दूसरे देश में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाया जा सके। इस दौरान विदेश मंत्री ने बताया कि वंदे भारत मिशन के तहत 45 लाख 82 हजार से अधिक भारतीयों को 98 देशों से वापस लाया गया। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों से आए भारतीयों ने अपने ब्यौरे राज्य सरकारों को दिए हैं। अब उम्मीद है कि राज्य सरकारें उन ब्यौरों के आधार पर यहां रहने के इच्छुक (विदेश न जाने वालों) लोगों के कौशल का उपयोग करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना के समय हमारा ध्यान दूसरे देशों में फंसे लोगों को वापस लाने पर था। हालांकि पढ़ाई, रोजगार या अन्य कारणों से वहां वापस जा रहे भारतीयों पर अभी हमारी नजर है। विदेश मंत्री के अनुसार, इस संबंध में हवाई यात्रा के लिए 27 देशों के साथ बबल समझौते किए जा चुके हैं तथा अन्य देशों के साथ भी बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि इसके तहत अकेले एयर इंडिया समूह की 9,500 से अधिक उड़ानें संचालित हुईं और 10.9 लाख भारतीय विदेश गए। ज्यादातर लोग खाड़ी देशों में गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘हमने सहयोगी देशों की सरकारों से आग्रह किया है कि जैसे-जैसे स्थिति को पटरी पर लाने की दिशा में कदम बढ़ाये, भारतीय नागरिकों के रोजगार के विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें।’ उन्होंने यह भी कहा कि हमारे इन प्रयासों के केंद्र में खाड़ी क्षेत्र है। प्रधानमंत्री मोदी ने बीते समय में सऊदी अरब, कतर और ओमान के नेताओं के साथ चर्चा की। आखिर में जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार विदेश में रहने वाले लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश

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