नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। भारत आज प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल तथा प्रयोग के संदर्भ में एक जबरदस्त बाजार का प्रतिनिधित्व करता है। यहां नवाचार इको-सिस्टम और कार्यनिष्पादन वाले उद्यमियों के एक सशक्त इको-सिस्टम की जड़ें काफी गहराई में हैं। सरकार की नीति और सरकारी पूंजी इन 2 तत्वों को उत्प्रेरित करने और एक स्थायी इको-सिस्टम बनाने जा रही है, जो आने वाले दशक में दुनिया की मांग और भारत की जरूरतों को पूरा करेगी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को यह कहा। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय- सिलिकॉन कैटालाइजिंग कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन एंड कॉग्निटिव कन्वर्जेंस था। प्रधानमंत्री के ²ष्टिकोण को साझा करते हुए, राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ह्ल15 अगस्त, 2021 को प्रधानमंत्री ने हम सभी के लिए एक ²ष्टिकोण रखा था, जो भारतीय प्रौद्योगिकी और नवाचार इको-सिस्टम को लेकर काफी उत्साहवर्धक है। उन्होंने अगले 10 वर्षों को भारत का टेकेड- प्रौद्योगिकी दशक बताया, जो एक शब्द के रूप में कई लोगों के लिए अनेक चीजों के साथ जुड़ा है। यह हमारी अर्थव्यवस्था की दिशा, प्रौद्योगिकी इको-सिस्टम की दिशा और सरकार के काम करने के तरीके को बदलने वाली प्रौद्योगिकी की शक्ति और अपने नागरिकों के जीवन को बदलने के बारे में है। कोविड महामारी के प्रभाव और इसके प्रति भारत के नपे-तुले प्रत्युत्तर के बारे में उन्होंने कहा, ह्लकोविड महामारी के दौरान भारत के कार्यनिष्पादन ने विश्व भर के पर्यवेक्षकों के बीच भारत को एक ऐसे देश के रूप में परिभाषित किया है, जिसने एक सु²ढ़ अर्थव्यवस्था, सशक्त सरकार और ²ढ़प्रतिज्ञ नागरिकता के निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया है। भारत ने अब तक का सबसे अधिक एफडीआई प्राप्त किया है, वर्ष 2021 के दौरान एक महीने में 3 से अधिक की दर से यूनिकॉर्न्स बनाए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अवसरों के बारे में राजीव चंद्रशेखर ने कहा, आज यह स्पष्ट है कि हमारे पास ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्च रिंग) स्पेस में, एम्बेडेड डिजाइन स्पेस में और निश्चित रूप से सेमीकंडक्टर स्पेस में अपार अवसर हैं। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर स्पेस के लिए हमारी महत्वाकांक्षाएं बहुत स्पष्ट हैं। इसमें फैब, जो भू-राजनीति को देखते हुए स्वाभाविक होने के साथ-साथ नवाचार, डिजाइन और प्रणालियों के आसपास के इकोसिस्टम में भी बड़े निवेश के रूप में शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे भारत अनिवार्य रूप से डिजाइन और नवाचार इको-सिस्टम में उद्यमिता और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करते हुए, अनुसंधान और डिजाइन इंजीनियरिंग से लेकर कारखाने, परीक्षण और पैकेजिंग कार्यबल तक कौशल प्रतिभा बनाने में सरकारी पूंजी का निवेश कर रहा है। सरकार रिड्यूस्ड इंस्ट्रक्शन सेट कंप्यूटर (आरआईएससी-5) और अन्य ओपन सोर्स इंस्ट्रक्शन सेट आ*++++++++++++++++++++++++++++र्*टेक्च र (आईएसए) सिस्टम के भविष्य के रोडमैप के आसपास अपने स्वयं के डिजाइन और विकासशील प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। –आईएएनएस जीसीबी/एएनएम




