नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत की मदद के लिए कई अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के आगे आने के बीच सरकार ने परोपकारी संगठनों के लिए खाद्य पदार्थो व दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट दी है और विस्तृत जानकारी दी है कि कौन किसको क्या दे सकता है। सरकार ने खाद्य पदार्थो, दवाओं, मेडिकल स्टोरों में खराब होने वाली प्रकृति के सामान, धर्मार्थ संगठनों से कंबल मंगवाने, रेडक्रॉस सोसाइटी और राहत के लिए अमेरिका स्थित सहकारी संस्थाओं से आयात पर छूट दी है। सरकार ने कहा, सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25 की उपधारा ए (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाकर केंद्र सरकार जनहित में आवश्यक कदम उठाकर संतुष्टि का अनुभव कर रही है। सरकार द्वारा निर्दिष्ट विवरण के सामान पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है। सरकार ने कहा, रेडक्रॉस सोसाइटी के लिए विदेशों से मुफ्त उपहार के रूप में भारत में आयात किया गया सामान या इसके द्वारा विदेशों में प्राप्त दान से खरीदा गया सामान गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त वितरण के लिए होना चाहिए और वह भी जाति या नस्ल भेद के बिना। आयात के समय आयातक राज्य सरकार से संबंधित या केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा निर्दिष्ट व्यक्ति या संस्थान से सीमा शुल्क के सहायक आयुक्त को यह प्रमाणित करना होता है कि यह सामान राहत कार्य और वितरण में लगे संगठन के लिए है, जिसे गरीबों और जरूरतमंदों को बिना किसी भेद के आपूर्ति करना है। सरकार ने यह भी कहा कि इस संगठन ने सहायक आयुक्त को इस बात से संतुष्ट कर दिया है कि आयात संगठन की गतिविधियों, उसके संचालन के क्षेत्रों के लिए इसके वित्तीय स्रोत, आयात किए गए माल के दाता, प्रकृति, मूल्य और मात्रा की स्थिति, उन लोगों के लिए भोजन और आयातित सामान गरीबों व जरूरतमंदों को जाति भेद के बिना मुफ्त वितरण किया जाना है। सरकार ने भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा ड्रग्स, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के अलावा उपहार के रूप में प्राप्त ऊनी कपड़ों और ऊनी परिधानों को अनुमति दी है। केयर के लिए, सरकार ने कहा कि आयात के समय आयातक एक वचन देता है कि उपहार वाली वस्तुएं मुफ्त वितरण के लिए हैं। कहा गया है कि राहत और पुनर्वास के उद्देश्य से भारत में आयात किए जाने वाले सामानों को भारत सरकार से हुए समझौते के तहत और भारत में किसी भी विदेशी सरकार द्वारा ऐसे सामानों के शुल्क मुक्त प्रवेश के लिए बने नियमों के अनुसार आयात किया जाना चाहिए। भारत में इस संबंध में आयात की जाने वाली वस्तुओं को पहले की मंजूरी के अलावा इसके लिए लागू शर्ते पूरी किए बगैर भारत में बेचा या निस्तारण नहीं किया जाएगा। खाद्य और खाद्य सामग्री भारत सरकार को मुफ्त उपहार के रूप में या तो संयुक्त राष्ट्र संगठनों द्वारा अनुमोदित एजेंसियों या यूरोपीय आर्थिक समुदाय द्वारा आपूर्ति की जानी चाहिए। –आईएएनएस एसजीके/एएनएम




