नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । दिल्ली में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘जय हिंद सभा’ कार्यक्रम में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर तीखा व्यंग्य किया। गहलोत ने उस वक्तव्य को निशाने पर लिया जिसमें प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में कहा था कि उनकी रगों में खून नहीं, सिंदूर बहता है।
गहलोत ने इस बयान को “नया जुमला” बताते हुए कहा, “मोदी जी अब रोज नए-नए जुमले गढ़ रहे हैं। बीकानेर में उन्होंने कहा कि उनकी रगों में खून की जगह सिंदूर दौड़ता है। सोचने वाली बात है कि क्या ऐसा शारीरिक रूप से संभव है? अगर खून की जगह कुछ और हो, तो क्या इंसान जिंदा रह सकता है?” पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता अब समझने लगी है कि प्रधानमंत्री की कथनी–करनी में अंतर है।
भारत-पाक सीजफायर पर गहलोत ने उठाए सवाल
गहलोत ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर समझौते को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से आम जनता के बीच असंतोष की भावना पैदा हुई है। गहलोत ने कहा, “लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि सीजफायर का ऐलान तो कर दिया गया, लेकिन क्या पाकिस्तान ने यह भरोसा दिलाया कि भविष्य में आतंकी हमले नहीं होंगे? हमें अब तक यह जानकारी नहीं दी गई कि पहलगाम के चार आतंकियों का क्या हुआ। क्या उन्हें मारा गया, गिरफ्तार किया गया, या पाकिस्तान उन्हें सौंपेगा?”
कांग्रेस की ‘जय हिन्द सभा’ का उद्देश्य
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने देशभर में ‘जय हिन्द सभा’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए पार्टी यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि वह हर हाल में देश की सेनाओं के साथ खड़ी है और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर कोई राजनीति नहीं करती। हालांकि, कांग्रेस ने अचानक घोषित किए गए भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
“चीन से गले मिलने की कीमत देश चुका रहा है”
दिल्ली में बुधवार शाम आयोजित ‘जय हिंद सभा’ के दौरान राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। गहलोत ने कहा, “जब देश को समर्थन की जरूरत थी, तब कोई बड़ा देश हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ। इसके विपरीत पाकिस्तान के पक्ष में तुर्की और अजरबैजान जैसे देश खड़े दिखाई दिए।” प्रधानमंत्री मोदी की चीन नीति पर सवाल उठाते हुए गहलोत ने कहा, “राहुल गांधी ने पहले ही चेताया था कि चीन के राष्ट्रपति से गले मिलना भविष्य में भारी पड़ सकता है और वही हुआ।”
ट्रंप की दखलअंदाजी को बताया खतरनाक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश को लेकर कांग्रेस ने नाराजगी जाहिर की है। ‘जय हिंद सभा’ के दौरान बोलते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। गहलोत ने कहा, “भारत और पाकिस्तान के आपसी मामलों में अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से की जा रही बयानबाजी बेहद गंभीर और खतरनाक संकेत है और बिना परिणाम की चिंता किए इन बातों का खंडन करना चाहिए था।”




