नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । मध्य प्रदेश में कुछ बच्चों की मौत के मामले में सामने आए कफ सिरप को लेकर अब पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने Coldrif कफ सिरप पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। सरकारी आदेश के मुताबिक, मध्य प्रदेश की ड्रग टेस्टिंग लैबोरेट्री में इस सिरप में डाई इथीलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक विषैला रसायन पाया गया है, जिसे बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। DEG एक जहरीला केमिकल है, जिसका सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। पंजाब सरकार ने सिरप को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ करार देते हुए इसकी बिक्री, उपयोग और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह कदम एहतियातन उठाया गया है ताकि राज्य में ऐसी कोई घटना न हो।
जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले को लेकर कई राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर वकील विशाल तिवारी ने शीर्ष अदालत में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की गहन जांच किसी राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या फिर CBI के जरिए कराई जाए। साथ ही, एक विशेषज्ञों की समिति गठित कर बच्चों की मौतों के पीछे की वास्तविक वजहों को सामने लाने की अपील की गई है।
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए और जांच को एक राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीकृत किया जाए। याचिका में यह भी मांग की गई है कि डाई इथीलीन ग्लाइकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकॉल जैसे विषैले रसायनों की बिक्री और निगरानी के लिए कड़े नियम बनाए जाएं।
इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में दर्ज FIR को एक जगह ट्रांसफर कर एकीकृत जांच कराने, दोषी दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने और उनकी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की गई है। साथ ही बाजार में पहले से मौजूद जहरीले उत्पादों को तुरंत वापस मंगाने और देश में एक ठोस ड्रग रिकॉल पॉलिसी लागू करने की मांग भी इस याचिका में शामिल है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह मामला केवल कुछ कंपनियों की लापरवाही नहीं, बल्कि देश की ड्रग रेगुलेटरी व्यवस्था की गंभीर विफलता है। इस खामी की वजह से कई राज्यों में मासूम बच्चों की जान गई है, जो बेहद चिंताजनक है।




