नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पंजाब में आसमान से बरसी आफत ने ज़मीन पर भारी तबाही मचा दी है। लगातार बारिश और पहाड़ी राज्यों से आई पानी की लहर ने राज्य के कई जिलों को बाढ़ के संकट में धकेल दिया है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान ने पंजाब के हालात बिगाड़ दिए हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री मान ने उन्हें प्रदेश की ताज़ा हालात की जानकारी दी और राहत कार्यों में तेजी की जरूरत बताई।
ये जिले सबसे ज्यादा प्रभावित
पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर में बाढ़ से हालात गंभीर हैं। जहां खेत तालाब बन चुके हैं तो सड़कें नदियों में तब्दील हो गई है। इसके साथ ही कई गांवों का बाकी दुनिया से संपर्क टूटा हुआ है।
युद्धस्तर पर राहत अभियान
सेना, एनडीआरएफ, बीएसएफ, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मोर्चा संभाले हुए हैं।
बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।
राहत शिविरों में रहने, खाने और इलाज की व्यवस्था की गई है।
हेलिकॉप्टर और बोट्स की मदद ली जा रही है।
बारिश की मात्रा
पंजाब में कहां कितनी बारिश:
लुधियाना: 216.7 मिमी (सबसे ज्यादा)
एसबीएस नगर: 112.7 मिमी
पटियाला: 80.4 मिमी
रूपनगर: 82.5 मिमी
मोहाली: 64 मिमी
अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट में भी लगातार बारिश
हरियाणा और चंडीगढ़:
सिरसा: 130 मिमी
नारनौल: 66 मिमी
चंडीगढ़: 76.5 मिमी
पंचकूला: 57 मिमी
अंबाला: 48.4 मिमी
गुरुग्राम: 9.5 मिमी
सीएम ने संभाला मोर्चा, बनाई टास्क फोर्स
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद हालात की निगरानी की और एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है। मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारी और विधायक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वहीं सीएम बोले, लोगों की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है, सरकार हर मोर्चे पर तैयार है।





