नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। संसदीय समिति की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश की लगभग 50 प्रतिशत कमर्शियल फ्लाइट्स में तकनीकी खराबियां पाई गई हैं। इस रिपोर्ट ने एविएशन सेक्टर की सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या कहती है रिपोर्ट?
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 754 फ्लाइट्स का ऑडिट किया गया, जिनमें से 377 फ्लाइट्स में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई। यानी हर दूसरी फ्लाइट किसी न किसी तकनीकी समस्या से जूझ रही थी। IndiGo की 405 फ्लाइट्स का ऑडिट हुआ, जिनमें से 148 में खराबी मिली। Air India की 166 फ्लाइट्स में से 137 में बार-बार तकनीकी दिक्कत सामने आई। Air India Express की 101 फ्लाइट्स में से 54 में खराबी पाई गई।
DGCA ऑडिट में सामने आईं गंभीर खामियां
DGCA द्वारा 1 से 4 जुलाई 2025 के बीच किए गए ऑडिट में कई बड़ी कमियां सामने आईं पायलट ट्रेनिंग में कमी खासकर Boeing 787 और 777 विमानों में कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स में पर्याप्त केबिन क्रू की कमी फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट का उल्लंघन कॉकपिट में अनधिकृत प्रवेश एक्सपायर्ड समय सीमा खत्म इमरजेंसी उपकरण का इस्तेमाल रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि DGCA में 48.3% पद खाली हैं। स्टाफ की कमी के कारण एविएशन सेक्टर की प्रभावी निगरानी करना मुश्किल हो रहा है, जिससे सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
एयरलाइंस पर कार्रवाई
एयर इंडिया को 9 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए 2025 के अंत तक कुल 19 नोटिस अलग-अलग एयरलाइंस को भेजे गए संसदीय समिति ने कई जरूरी सुधार सुझाए हैं सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन बेहतर निगरानी तंत्र स्टाफ की भर्ती बढ़ाना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत में तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर के साथ-साथ सुरक्षा और निगरानी में सुधार बेहद जरूरी है। यात्रियों को भी टिकट बुक करते समय सतर्क रहने और एयरलाइन की सुरक्षा रिकॉर्ड पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।




