नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में मेडिकल छात्रा से रेप के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़िता के पिता, जिन्होंने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन की तुलना औरंगजेब के राज से की थी, अब उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। पिता ने कहा कि उनकी एकमात्र इच्छा है उनकी बेटी को न्याय मिले, चाहे इसके लिए उन्हें कितनी भी बार ममता बनर्जी के चरणों में नमन क्यों न करना पड़े।
बता दें, एक चर्चित मीडिया से बातचीत में पिता ने कहा, ममता बनर्जी मेरे लिए मां समान हैं। अगर मेरेस द्वारा कुछ गलत कहा गया है तो मैं उनसे क्षमा चाहता हूं। मैं उनके चरणों में बार-बार नमन करूंगा, लेकिन उनसे निवेदन है कि मेरी बेटी को न्याय जरूर दिलाया जाए।
ममता के बयान पर भड़के थे पिता
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में सवाल उठाते हुए कहा था कि, लड़की रात में बाहर क्यों गई थी? इस टिप्पणी से नाराज होकर पीड़िता के पिता ने कहा था कि, ऐसा लगता है कि बंगाल में औरंगजेब का शासन चल रहा है। उन्होंने बेटी को ओडिशा वापस ले जाने और जांच सीबीआई को सौंपने की मांग भी की थी।
जांच में नया मोड़, पुलिस ने बताया– मामला गैंगरेप नहीं
अब पुलिस जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। दूसरे वर्ष की एमबीबीएस छात्रा ने आरोप लगाया था कि 10 अक्टूबर की रात कुछ लोगों ने उसे जंगल की ओर खींचकर सामूहिक दुष्कर्म किया। लेकिन, जांच के दौरान पुलिस को छात्रा के बयान और सबूतों में विरोधाभास मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में छात्रा को अपने पुरुष सहपाठी के साथ सामान्य स्थिति में और कपड़े की सही हालत में कॉलेज लौटते देखा गया है। उसी पुरुष सहपाठी को गिरफ्तार किया गया है, जो इस मामले में छठा आरोपी है। जांच में अब तक यह स्पष्ट हुआ है कि यह मामला सामूहिक नहीं, बल्कि एक व्यक्ति द्वारा किए गए रेप का है।
जांच कर रही पुलिस का कहना है कि यदि छात्रा को सचमुच जंगल में घसीटा गया होता और उस पर कई लोगों ने हमला किया होता, तो उसके शरीर या कपड़ों पर चोट या संघर्ष के स्पष्ट निशान दिखाई देने चाहिए थे। इसके अलावा, किसी तरह की मदद मांगने या विरोध करने के भी संकेत नहीं मिले हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक की फॉरेंसिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट में भी ऐसे साक्ष्य नहीं मिले हैं, जो सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि कर सकें। इसी आधार पर पुलिस का मानना है कि मामला गैंगरेप नहीं, बल्कि एक व्यक्ति द्वारा किए गए रेप का है।जांच एजेंसियां अब बयान, मेडिकल रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के बीच सामंजस्य खोजने में जुटी हैं।
विपक्ष ने घेरा, ममता सरकार पर दागे सवाल
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ममता बनर्जी के बयान की देशभर में आलोचना हो रही है। वहीं अब पिता की माफी के बाद मामला भावनात्मक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर चर्चा में है।
पीड़िता के पिता ने अंत में कहा, मुझे राजनीति नहीं करनी, बस अपनी बेटी के लिए न्याय चाहिए। अगर ममता दीदी चाहें तो यह काम आज ही हो सकता है। जांच जारी है और पूरा देश अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि बंगाल की बेटी को आखिर कब मिलेगा न्याय।





