नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में किसानों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी किसान पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर डटे हुए हैं और आज बुधवार को अपने आंदोलन के हिस्से के रूप में “प्रार्थना दिवस अरदास दिहाड़ा” मनाएंगे। उन्होंने सरकार की ओर से बातचीत के लिए आमंत्रण नहीं मिलने का हवाला देते हुए 14 दिसंबर को एक बार फिर दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है। किसान नेताओं ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में 101 किसानों का एक समूह दिल्ली जाएगा।
दरअसल, 101 किसानों का समूह 6 दिसंबर को दिल्ली कूच करने के निकला था, लेकिन दिल्ली की ओर बढ़ने के लिए अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए उन्हें हरियाणा में प्रवेश करने से रोक दिया था। पुलिस द्वारा आंसू गैस छोड़े जाने के बाद किसानों ने अपना दिल्ली कूच स्थगित कर दिया। इसके बाद 8 दिसंबर को फिर से शुरू हुआ किसानों का दिल्ली कूच फिर से रोक दिया गया। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने अब ऐलान किया है कि किसान बुधवार को शंभू बॉर्डर पर “प्रार्थना दिवस अरदास दिहाड़ा” मनाएंगे और 101 किसानों का एक समूह शनिवार, 14 दिसंबर को दिल्ली की ओर कूच करेगा।
किसानों की ये है मांगे
प्रदर्शनकारी किसान MSP के अलावा कृषि ऋण माफी, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं, पुलिस मामलों (किसानों के खिलाफ) को वापस लेने और 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए “न्याय” की भी मांग कर रहे हैं। वे संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा पर डेरा डाले हुए हैं।
PM ने किसानों के बारे में कुछ नहीं कहा- पंधेर
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरियाणा यात्रा की आलोचना करते हुए कहा कि PM राज्य में थे, लेकिन उन्होंने किसानों के बारे में कुछ नहीं कहा। मोदी सरकार को अपनी ताकत पर गर्व है…वे किसानों से बात नहीं करना चाहते। अगर उन्होंने कृषि के लिए कुछ किया है, तो उन्हें बोलना चाहिए।
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को हरियाणा के पानीपत में LIC बीमा सखी योजना का औपचारिक रूप से शुरुआत करने के लिए आए थे। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय जागरूकता के साथ सशक्त बनाना और उन्हें बीमा एजेंट बनाना है। इस कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री मोदी ने करनाल में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर की आधारशिला भी रखी। 495 एकड़ में फैले मुख्य परिसर और छह क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र 700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सैनी ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना
मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने किसानों को समर्थन देने के कांग्रेस के दावे और किसानों को MSP देने के वादे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिमाचल और तेलंगाना में कांग्रेस सरकारें एमएसपी पर फसल खरीदने में विफल रही हैं। “पिछले 10 सालों में हमने एमएसपी पर फसलें खरीदी हैं। हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस सरकार यह नहीं कह सकती कि वे 100 फीसदी एमएसपी पर फसलें खरीदेंगे। लोग उनकी हकीकत समझ चुके हैं। एक महीने में आप भी EVM के बारे में बात करना शुरू कर देगी। लोगों ने उन्हें नकार दिया है।




