नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर फर्जी आधार कार्ड बनवाने और इसका खुलासा करने के मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP – शरद गुट) के नेता और विधायक रोहित पवार (शरद पवार के पोते) के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शिकायत पर मुंबई के दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
विधायक रोहित पवार ने 16 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा करते हुए सनसनी फैलाई थी कि उन्होंने एक फर्जी वेबसाइट और फर्जी कागजातों के जरिए डोनाल्ड ट्रंप के नाम का आधार कार्ड बनवाया है।
रोहित पवार ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा फर्जीवाड़ा करने वाली प्रक्रिया की खामियों को उजागर करने के लिए किया, और यह साबित करने की कोशिश की कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान वोट चोरी और मतदाता हेरफेर के उनके आरोप सही थे। आरोप है कि एक फर्जी वेबसाइट और गलत कागजातों का इस्तेमाल करके यह आधार कार्ड बनवाया गया था।
रोहित पवार की सफाई: “सिर्फ खामियां उजागर की”
एफआईआर दर्ज होने के बाद रोहित पवार ने मीडिया से बात करते हुए आरोपों को खारिज किया और अपने काम को सही ठहराया। मैंने केवल खामियां उजागर की थी। इस तरह से फर्जी मतदाता कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। मैंने किसी का नुकसान नहीं किया है। मेरे खिलाफ बिना किसी वजह से मामला दर्ज कराया गया है।
रोहित पवार ने इस ‘प्रयोग’ को अपने उन दावों को साबित करने के लिए किया था, जिसमें उन्होंने 2019 और 2024 के चुनावों के बीच मतदाताओं के आंकड़ों में व्यापक हेरफेर होने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2019 और 2024 के बीच 32 लाख नए मतदाता जुड़े, जबकि 2024 के लोकसभा और आगामी विधानसभा चुनावों के बीच केवल छह महीनों में यह संख्या बढ़कर 48 लाख हो गई।
पुलिस जांच जारी
मुंबई पुलिस ने इस पूरे मामले में जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फर्जी आधार कार्ड बनाने में कौन-कौन शामिल था और इस फर्जीवाड़े के लिए किन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया था।





