नई दिल्ली , रफ्तार डेस्क । मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में फिर विवाद बढ़ गया है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद भी हालात काबू में नहीं हैं। इस बार दो जनजातियों, जोमी और हमार,के बीच भिड़ंत हो गई। इसके बाद शासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा। दोनों समुदाय के बीच जमीन विवाद के कारण तनाव बढ़ गया है। बताया जा रहा कि, सामुदायिक झंडे फहराने को लेकर बवाल मच था। कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। चुराचांदपुर के जिला मजिस्ट्रेट धरुण कुमार ने कर्फ्यू का आदेश जारी किया और तुरंत प्रभाव से लागू भी कर दिया।
चुराचांदपुर के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश में बताया गया कि, चुराचांदपुर के 2 गांवों और कांगवई, समुलामलान, संगाईकोट उपमंडलों में पूरी तरह कर्फ्यू लगाया गया है। नियम के अनुसार कर्फ्यू 17 अप्रैल तक लागू रहेंगे, लेकिन बाकी इलाकों में जरूरी चीजों और सेवाओं के लिए 17 अप्रैल तक सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में छूट दी गई है।
किस वजह से हुआ था विवाद
बता दें कि, बीते 18 मार्च को तब बवाल मच गया जब चुराचांदपुर में जोमी और हमार समर्थक आपस में भिड़ गए थे। दोनों समुदायों में हिंसक झड़प हुई थी, जिमसें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस हिंसक झड़प में कई लोगों के घायल होना बताया गया है। एक व्यक्ति ने मोबाइल टावर पर चढ़कर जोमी झंडा उतार कर जमीन पर फेंक दिया था, जिस वजह से बवाल मच गया। फिर दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए। देखते देखते मामूली विवाद हिंसा में तब्दील हो गया।
हालात बिगड़ते देख दोनों ग्राम अधिकारियों ने एक आपात बैठक बुलाने का फैसला किया। इस बैठक में सामुहिक निर्णय से इलाकें में कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया गया। लोगों से शांति बनाए रखने का अपील संदेश जारी किया गया। लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने का आग्रह किया गया।
मणिपुर में लागू है राष्ट्रपति शासन
बता दें कि, राज्य में करीब दो साल से हिंसा जारी है। इस विवाद को देखते हुए केंद्र सरकार ने फरवरी महीने में राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला किया। फिलहाल मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है, क्योंकि मई 2023 से प्रदेश में कुकी और मैतई समुदाय के बीच विवाद चल रहा था, जिसके चलते हुई हिंसा में करीब 250 लोग मारे जा चुके थे। पथराव, आगजनी और आपराधिक घटनाएं हो चुकी थीं। हिंसा और तनाव के कारण दोनों समुदायों के हजारों लोग विस्थापित हो गए थे।





