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Tuesday, March 17, 2026
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Hanuman Jayanti 2025: इस साल कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? जानें तिथि और पूजा विधि

हिन्दू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। इस दिन मंदिर व घरों में सुंदरकांड, अखंड रामायण से लेकर अन्‍य पूजन पाठ आयोजित किए जाते हैं। जानें इस दिन क्‍या करना चाहिए और क्या नही।

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्क । हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखकर हनुमान जी की उपासना करता है, उसके सभी मनोरथ पूर्ण होने के साथ ही संकटों से भी छुटकारा मिल जाता है। इस दिन मंदिर व घरों में सुंदरकांड, अखंड रामायण से लेकर अन्‍य पूजन पाठ आयोजित किए जाते हैं। पंचांग के मुताबिक हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस साल हनुमान जयंती का पर्व 12 अप्रैल को मनाया जाएगा। जानिए इस दिन क्‍या करना चाहिए और क्‍या नहीं? 

हनुमान जयंती की तिथि 

वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 12 अप्रैल सुबह 03 बजकर 20 मिनट पर हो जाएगी। जो कि अगले दिन 13 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। ऐसे में हनुमान जयंती 12 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस बार हनुमान जन्मोत्सव पर पूजन पर पूजा के लिए दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। पहला मुहूर्त 12 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 34 मिनट से सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक है। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 46 मिनट से लेकर रात 8. 8 मिनट तक रहेगा। 

हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व

धर्म ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जो आज भी पृथ्वी पर विचरण कर रहे हैं। इसलिए हनुमान जंयती के दिन बजरंगबली की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। कई जगह सुंदरकांड व अन्‍य कर्म कांड और भंडारे का आयोजन भी होता है। 

हनुमान जयंती के दिन क्या करना चाहिए

हनुमान जन्मोत्सव के दिन व्रत रखने वाले जातकों को ब्रह्मचर्य का सख्ती से पालन करना चाहिए। हनुमान जी की पूजा में कभी चरणामृत का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इस दिन सफेद व काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए, हनुमान जी की पूजा में लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना गया है। इस दिन नमक के सेवन से परहेज करना चाहिए। इस दिन व्रत करने वालों को दिन में सोने से बचना चाहिए। इस दिन मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। हनुमान जन्मोत्सव के दिन घर के दहलीज पर आए लोगों का अपमान भी नहीं करना चाहिए। व्रत करने वालों को फलाहारी भोजन करना चाहिए।

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