नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दौरे पर रहे। जहां पार्टी के ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत की। इस अभियान का मुख्य मकसद 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी संगठन को मजबूती प्रदान करना और बीस सालों से फीके पड़े कांग्रेस संगठन में जान फूंकना साथ ही पार्टी को मिशन 2028 के लिए तैयार करना है।
राहुल गांधी इस दौरे के बीच पांच घंटे में पांच बैठकों में शामिल हुए। जिसमें नेताओं को गुटबाजी खत्म करने, एकजुट होकर काम करने और संगठनात्मक ढांचे को सशक्त बनाने का कड़ा संदेश दिया।
राहुल का यह दौरा खास इसलिए हो जाता है क्योंकि बीते बीस सालों से कांग्रेस संगठन में तेज धार नहीं देखी गई। वह अपने इस दौरे से संगठन को नई दिशा और मिशन 2028 के लिए तैयार करने पर जोर दिया है। बैठकों के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को सख्त निर्देश दिया है। उन्होने कहा कि, “गुटबाजी खत्म करें और मिलकर काम करें। कोई भी फैसला ऊपर से नहीं थोपा जाएगा। आप सब मिलकर फैसला करें और अगर कोई बदलाव की जरूरत होगी तो हम करेंगे।”
बगावत और गद्दारी बर्दाश्त नहीं: राहुल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा संगठन के पुनर्गठन को लेकर सख्त दिखी। उन्होंने कहा कि, “किसी भी तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कहीं कुछ गलत दिखा, तो हम उसे तुरंत बदल देंगे।” राहुल ने यह भी कहा कि बीजेपी की मदद करने वाले नेताओं की पहचान की जाए और संगठन में मेहनती और इमानदार, सही व्यक्ति को सही स्थान दिया जाए।
‘जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय होगी’
कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक ने जानकारी दी है कि राहुल गांधी ने जिला कांग्रेस कमेटियों को ताकतवर बनाने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा, “जिला कांग्रेस कमेटियों की भूमिका को लोकसभा, विधानसभा, नगर निगम और नगर पालिका में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में अहम बनाया जाएगा। इसके साथ ही उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जाएगी।”
‘हम कर्मकांडों में विश्वास नहीं करते’
राहुल गांधी के जूते पहनकर इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बीजेपी के आरोपों पर मुकेश नायक ने सफाई पेश की और उसे कर्मकांडो में विश्वास न करना करार दिया। उन्होंने कहा कि, “हम कर्मकांडों में विश्वास करने वाले लोग नहीं हैं। संस्कार के नाम पर आंख में धूल झोंकना, धर्मांधता को बढ़ावा देना और नकली लोगों को नकली कपड़े पहनाकर जनता के बीच खड़ा करना अब पुराना हो चुका है। जनता इससे ऊब चुकी है।”
नकुलनाथ की गैर-मौजूदगी पर सफाई
नकुलनाथ के बैठक में हिस्सा न लेने पर नायक ने सफाई पेश की और कहा कि “कमलनाथ जी आए हैं, यह पर्याप्त है।” बैठक के दौरान नेताओं के फोन बंद करवाए गए, ताकि पूरी तरह से संगठनात्मक चर्चा पर ध्यान केंद्रित किया जा सके। इस अभियान के जरिए कांग्रेस मध्य प्रदेश में अपनी खोई जमीन वापस पाने और 2028 में सत्ता में वापसी की तैयारी में जुट गई है।





