नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के दिल्ली स्थित आवास पर देर रात ढाई बजे तक प्रवर्तक निदेशलाय (ED) टीम ने छापेमारी की। यह छापेमारी करीब 18 घंटे तक चली। इसके बाद ED की टीम सौरभ भारद्वाज के आवास से रवाना हुई, अब सौरभ भारद्वाज ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी।
दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि जांच एजेंसी ने राजनीतिक दबाव में आकर उनके घर पर रेड की। उनका कहना है कि यह कार्रवाई रात करीब 2 बजे तक चली और इस दौरान उनके परिवार पर भी मानसिक दबाव बनाया गया।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सुबह 7:15 बजे ईडी और CRPF के अफसर उनके घर पर पहुंच गए। इसके बाद तलाशी शुरू की गई। सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘मेरी छोटी बेटी नर्सरी में पढ़ती है, उसे स्कूल भेजकर घर को तलाशी के लिए खुला छोड़ दिया।
AAP नेता से करीब 11:30 बजे ED अफसर मयंक अरोड़ा ने उनका बयान दर्ज करना शुरू किया। सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, शाम को 7:30 बजे एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें हलफनामा मिला है, जो पहले से ही सार्वजनिक दस्तावेज है।
”ईडी के सभी आरोप झूठे”
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि FIR में लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं, जबकि उनके पास मीटिंग के मिनट्स और लिखित निर्देश मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को यह साफ बताया गया कि पूरा मामला एलजी वी.के. सक्सेना की ओर से उन्हें फंसाने की कोशिश है।
देर रात तक चला दवाब
सौरभ भारद्वाज के अनुसार, उन्होने बताया कि रात 8 बजे से 2 बजे तक लगातार बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चली। इस दौरान ED के अफसरों ने उनके बयान को बदलने के लिए प्रेशर बनाया। उन्होंने कहा, ‘मुझे कहा गया कि जो मैं बोलूं वही लिखो। वरना जेल भेज दिया जाएगा।’
परिवार पर भी मानसिक दबाव
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि, ED अफसरों ने उनके परिवार को भी मानसिक रुप से दबाने का प्रयास किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘मेरी पत्नी बोली- ले जाओ इसे, ये वैसे भी घर पर नहीं रहता। बेटी ने भी कहा कि अगर पापा को ले जाएं तो मुझे भी साथ रख लेना, मैं स्कूल में फेमस हो जाऊंगी।’
पंचनामे में दो ही चीजें बरामद- सौरभ भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पंचनामे में दो चीजें बरामद दिखाईं गईं। एक चुनाव से जुड़ा हलफनामा और दूसरा स्वास्थ्य विभाग का दस्तावेज। भारद्वाज का आरोप है कि पंचों से वही साइन करवाए जाते हैं जो ED चाहती है।
इनका मकसद विपक्षी नेताओं पर दवाब बनाना- सौरभ भारद्वाज
AAP नेता ने कहा कि जांच एजेंसी का उद्देश्य विपक्षी नेताओं को मानसिक रूप से तोड़ना और डराना है। उन्होंने कहा, ‘ये मनोवैज्ञानिक तौर पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। यहां तक कि रात 2 बजे मुझे जबरदस्ती नया बयान लिखकर दिया गया कि गैर-जरूरी बातें हटा दी गई हैं।’





