नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुई जिसमें पक्ष-विपक्ष के तमाम सांसदों ने अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने भी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सेना के शौर्य को सलाम किया है।
पहलगाम हमला- दंगे की साजिश, लेकिन देश एकजुट रहा
PM मोदी ने पहलगाम हमले को जघन्य और योजनाबद्ध बताया. उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों से धर्म पूछकर मारा गया. यह भारत को सांप्रदायिक हिंसा में झोंकने की साजिश थी. लेकिन देश की एकजुटता ने इस साजिश को नाकाम कर दिया, प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह विदेश से लौटे, तब उन्होंने तुरंत बैठक बुलाकर सेना को खुली छूट दी. “हमें अपनी सेना की ताकत पर भरोसा था. हमने टेक्नोलॉजी और मेड इन इंडिया हथियारों से हमला किया. पहले जहां हम नहीं गए थे, वहां तक जाकर आतंकियों के ठिकानों को खत्म किया।
पाकिस्तान की न्यूक्लियर धमकी झूठी साबित हुई
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जैसे ही पाकिस्तान को भारत की कार्रवाई का अंदेशा हुआ, वह न्यूक्लियर हमले की धमकियां देने लगा. लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि अब ये धमकियां नहीं चलेंगी. “आज भारत न्यू नॉर्मल पर काम कर रहा है, अगर हमला हुआ, तो जवाब जरूर मिलेगा, और हमारी शर्तों पर मिलेगा।
विदेशों से मिला समर्थन, कांग्रेस से नहीं
PM मोदी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरी दुनिया ने भारत के ऑपरेशन का समर्थन किया, लेकिन कांग्रेस ने सेना पर विश्वास नहीं दिखाया. उन्होंने कहा, “यूएन के 193 में से सिर्फ तीन देशों ने पाकिस्तान के पक्ष में बयान दिया. बाकी सब भारत के साथ थे. लेकिन कांग्रेस को भारत की सेना पर भरोसा नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संसद सत्र भारत के सम्मान, उसकी शक्ति और विजय का प्रतीक है. उन्होंने कहा, “यह सत्र विजयोत्सव का है, भारत की सेना के पराक्रम का है, उन आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का है. पीएम मोदी ने लोकसभा में अपने भाषण से साफ कर दिया कि भारत अब सिर्फ सहन नहीं करेगा, बल्कि जवाब भी देगा,और वो भी करारा. उन्होंने विपक्ष को भी आईना दिखाया और देशवासियों की एकता की सराहना की. ऑपरेशन सिंदूर को भारत की रणनीतिक, तकनीकी और सैन्य शक्ति का प्रमाण बताया गया।




