नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई और कई अहम फैसलों को मंजूरी मिली। इस कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी गई। बीते 9 सालों से लंबित पड़ी प्रमोशन पॉलिसी को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब मध्यप्रदेश में प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट ब्रीफिंग में इन फैसलों पर जानकारी दी।
मध्यप्रदेश की इन प्रमोशन पॉलिसी से राज्य के लगभग 5 लाख सरकारी अधिकारियो-कर्मचारियों को प्रमोशन का फायदा होगा। प्रमोशन के बाद खाली होने वाले 2 लाख पदों पर सरकारी नई भर्ती करेगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने एक्स हैंडल पर भी पोस्ट किया है।
9 साल से रुके हैं प्रमोशन
पीछले 9 साल से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति (प्रमोशन) रुकी हुई थी। इसके पीछे खास वजह ये थी कि आरक्षण में प्रमोशन को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में था। सरकार ने कोर्ट में SLP दाखिल की थी, जिससे प्रमोशन नही किया जा सकता था। अब सरकार ने नया प्रमोशन फार्मूला बनवाया गया है और उसे कैबिनेट में मंजूरी के लिए रखा गया है। सूत्रों ने बताया कि, सरकार के इस फैसले से राज्य के करीब 4 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
क्या है नया फार्मूला?
प्रमोशन पॉलिसी लागू करने बाद कई विभागों में पद रिक्त होंगे। अब इन रिक्त पदों को वर्गों में बांटा जाएगा। जितने पद खाली होंगे, उन्हें सबसे पहले SC-ST (16%-20%) और अनारक्षित हिस्सों में बांटा जाएगा। इसी क्रम में पहले SC-ST वर्ग के पद पर भर्ती की जाएगी, फिर बाकी पदों के लिए सभी दावेदारों को मौका मिलेगा। वहीं, डिप्टी कलेक्टर जैसे क्लास-1 अधिकारियों के लिए मेरिट लिस्ट और सीनियरिटी दोनों के आधार पर तैयार की जाएगी।
इस तरह तैयार होगी मेरिट लिस्ट
जबकि, क्लास-2 और इससे नीचे के पदों के लिए लिस्ट सीनियरिटी के आधार पर तैयार की जाएगी। ऐसे में कर्मचारी की गोपनीय रिपोर्ट बेहतर होना जरुरी है। किसी कर्मचारी की गलती से उसकी रिपोर्ट नहीं बनी है, तो उसका प्रमोशन में बाधा आ सकती है। पिछले 7 साल में कम से कम 4 रिपोर्ट ‘A+’ होनी चाहिए या पिछले 2 साल में कम से कम 1 रिपोर्ट ‘आउटस्टैंडिंग’ (Outstanding) होनी चाहिए।
SC-ST वर्ग के पद पहले भरे जाएंगे
खास बात ये है कि, पहले से प्रमोशन का लाभ ले चुके कर्मचारियों को हटाया नहीं जाएगा। रिटायर हो चुके कर्मचारियों को इस नियम से बाहर रखा गया है। नया नियम उस दिन से लागू होगा जिस दिन इसका नोटिफिकेशन जारी होगा। सबसे पहले जनजातीय वर्ग के पद भरे जाएंगे, उसके बाद अनारक्षित पदों की पूर्ति की जाएगी। यदि SC-ST वर्ग के लिए आरक्षित पद पर कोई पात्र व्यक्ति उपलब्ध नहीं होता है, तो वह पद रिक्त रहेगा।




