नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले में बादल फटने से बड़ी तबाही हुई है। अचानक आए सैलाब में 10 से ज़्यादा घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई मकानों में दरारें पड़ गई हैं और लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।
लगातार बारिश से बिगड़े हालात
पिछले 72 घंटे से हो रही लगातार बारिश ने डोडा की स्थिति और खराब कर दी है। एसडीएम अरुण कुमार बड्या ने बताया कि 4-5 घर अब रहने लायक नहीं बचे हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सरकारी इमारतों और सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर रहा है।
चिनाब नदी खतरनाक स्तर पर
रिपोर्ट्स के मुताबिक चिनाब नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालात को देखते हुए बघलियार और सलाल पावर प्रोजेक्ट के गेट खोले जा सकते हैं, ताकि बांधों को नुकसान से बचाया जा सके। प्रशासन और स्थानीय टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
पहाड़ों से आया सैलाब
लगातार बारिश के बीच पहाड़ों से आए सैलाब ने पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया है। मकान, पेड़ और रास्ते पानी में बह गए हैं। कई लोग अपने टूटे-फूटे घरों से कीमती सामान निकालकर सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं। कई बाज़ारों और गलियों तक पानी पहुंच चुका है। हादसों से बचने के लिए प्रशासन ने कुछ रास्तों को बंद कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।
हाईवे बंद, बारिश और भूस्खलन से मुश्किलें
रामबन इलाके में भारी भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद कर दिया गया है। उधर, जम्मू में भी तवी नदी का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। कई घर जलमग्न हो गए हैं और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इन क्षेत्रों को खाली करा लिया है।




