नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर केस में डॉक्टर्स न्याय की मांग कर रहे हैं। इसे देखते हुए आज डॉक्टरों ने आज देशव्यापी भूख हड़ताल की घोषणा की है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने इस भूख हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
वरिष्ठ डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा
इससे पहले जूनियर डॉक्टरों ने 4 अक्टूबर को पूरी तरह तरह से काम बंद करने की घोषणा की थी जिससे मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी। इसके साथ ही मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए आर जी कर मेडिकल कॉलेज में 50 वरिष्ठ डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया था।
जूनियर डॉक्टर कर रहे हैं ये मांग
जूनियर डॉक्टर के लिए न्याय की मांग के अलावा डॉक्टर मांग कर रहे हैं कि सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में एक सेंट्रलाइज्ड रेफरल सिस्टम का निर्माण किया जाए। बेड वेकेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम को कारगर किया जाए। कॉल रूम, वॉश रूम और अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
सरकार के चीफ सेक्रेट्री मनोज पंत ने काम पर लौटने का आग्रह किया
सरकार के चीफ सेक्रेट्री मनोज पंत ने कहा है कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों में चल रहे प्रोजेक्ट्स का 90 प्रतिशत काम अगले महीने तक खत्म हो जाएगा। उन्होंने सबसे आग्रह किया है कि वो काम पर लौट आएं और लोगों को अपनी सेवाएं दें। हम सब सुधार के लिए काम कर रहे हैं। सरकार की ओर से किए गए वादों पर काम हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के मामले में CBI ने चार्जशीट दाखिल की है। इसके अनुसार आरोपी संजय रॉय ने ही डॉक्टर के साथ रेप किया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी। डॉक्टर ब्रेक के दौरान सेमिनार रूम में सोने गई थी जिस दौरान संजय ने घटना को अंजाम दिया।





