नई दिल्ल, रफ्तार डेस्क । कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि, मैं हिंदू जन्मा हूं ओर हिंदू ही मरूंगा।’ डिप्टी सीएम ने हाल ही में तमिलनाडु स्थित ईशा योग सेंटर में महाशिवरात्रि के मौके पर एक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान बोला। शिवकुमार के इस बयान के बाद कर्नाटक कांग्रेस में सियासी जंग छिड़ गई है। पार्टी के कई नेता डिप्टी सीएम के द्वारा दिए इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे है। और इसे लेकर लेकर कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई है। कर्नाटक सरकार में सहकारिता मंत्री के.एन. राजन्ना ने सवाल उठाया कि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की घोर आलोचना करने वालों के समारोह में डिप्टी सीएम शिवकुमार कैसे शामिल हो सकते है?
मंत्री के.एन. राजन्ना ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, ‘सद्गुरु ने खुद कहा था कि, वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नहीं जानते। है ना? उन्होने लोकसभा चुनाव की याद दिलाते हुए कहा कि, शिवकुमार खुद अच्छे से जानते है लोकसभा में हमारे नेता के बारे में क्या नहीं कहा। अब उन्हें ही जवाब देना चाहिए कि ऐसे लोगों के साथ आयोजन में भाग लेना कहां तक उचित है।’
‘बचाव में उतरे पूर्व सांसद डी.के. सुरेश’
मामला ज्यादा उछलने के बाद शिवकुमार के बचाव में उनके भाई पूर्व सांसद डी.के. सुरेश ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कहा कि शिवकुमार हमेशा से पार्टी को सूचित करके ही ऐसे समारोह में शामिल हुए है। सुरेश ने मीडिया से कहा कि, ‘जब भी शिवकुमार ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की, उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पहले इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने ईशा फाउंडेशन के महाशिवरात्रि कार्यक्रम में शामिल होने की सूचना भी पार्टी को दी थी।’
अपने बचाव में क्या बोले शिवकुमार?
डीके शिवकुमार के ईशा फाउंडेशन के महाशिवरात्रि कार्यक्रम शामिल होने पर विवाद बढ़ाता जा रहा है। कर्नाटक कांग्रेस इस मामले में दो धड़ों में बंट गई है। तो वहीं इस मामले में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार खुद अपनी आस्था को लेकर स्पष्ट किया और कहा कि, ‘मैं हिंदू के रूप में जन्मा था और हिंदू के रूप में मरूंगा।’ डीके शिवकुमार ने कहा, ‘सद्गुरु खुद कर्नाटक से आते है। वह कावेरी जल के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे है। उन्होंने मुझे व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया। वह कुछ महान काम कर रहे हैं। इस आयोजन में कई राजनीतिक दलों के विधायक और नेता वहां मौजूद थे इसलिए, मैं वहां गया। यह मेरी व्यक्तिगत आस्था है।’
विवाद पर ऐक्शन ले पार्टी आलाकमान
कर्नाटक सरकार में मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा कि, इस मसले में पार्टी आलाकमान को संज्ञान लेना चाहिए। अब यह मामला कर्नाटक से उपर उठकर राष्ट्रीय लेवल पर पहुंच गया है। मामले को ज्यादा गति न मिले इस लिए शीर्ष नेतृत्व इस पर संज्ञान लें। हमें नहीं पता कि सही क्या है और गलत क्या, लेकिन दिल्ली के नेताओं को इस पर ध्यान देना चाहिए।’





