नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। Netflix पर आई वेबसीरीज़ IC 814 इन दिनों चर्चा में है। ये वेबसीरीज़ साल 1999 में हुए कंधार हाईजैक की कहानी बताती है। भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar से 13 सितंबर को जेनेवा में एक कार्यक्रम के दौरान इस सीरीज़ को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने बताया कि सीरीज़ में जो घटनाक्रम दिखाया गया है वो असल में हुए घटनाक्रम से काफी अलग है। इसी दौरान एस जयशंकर ने साल 1984 में हुए एक और हाइजैक का किस्सा बताया, उन्होंने बताया कि जो विमान हाइजैक हुआ था उसमें उनके पिता भी सवार थे और वो सरकार की उस टीम का हिस्सा थे जो विमान को छुड़ाने की कोशिश में लगा हुआ था।
किस Plane Hijack की बात कर रहे थे S Jaishankar?
24 अगस्त, 2984 को भारतीय एयरलाइंस का विमान IC 421 हाइजैक कर लिया गया था। ये विमान दिल्ली से श्रीनगर के लिए रवाना हुई थी। इसमें 100 यात्री सवार थे। सात लोगों ने इस प्लेन को हाइजैक कर लिया था और उनकी मांग थी कि प्लेन को अमेरिका ले जाया जाए। प्लेन को पहले लाहौर ले जाया गया, फिर कराची ले जाया गया, आखिर में प्लेन दुबई में उतारा गया। यहां से UAE के मंत्रियों ने हाइजैकर्स के साथ बातचीत की जिसके बाद यात्रियों को छोड़ा गया था।
मुझे पता चला मेरे पिता उस हाईजैक हुए विमान में फंसे हुए हैः S. Jaishankar
जयशंकर ने बताया, “उस समय मेरा बेटा छोटा था। मेरी पत्नी काम करती थी इसलिए मुझे दोपहर में घर पहुंचना था ताकि मैं अपने बेटे को खाना खिला सकूं। मैंने अपनी मां को फोन किया कि मैं नहीं आ सकता, एक प्लेन हाइजैक हो गया है। तब मुझे पता चला कि उस प्लेन में मेरे पिता भी बैठे थे। मैं उस टीम का हिस्सा था जो इस मिशन पर काम कर रही थी। दूसरी तरफ मैं उस परिवार का भी सदस्य था जो सरकार पर यात्रियों की जल्द से जल्द रिहाई का दबाव बना रहे थे।”
IC 814: The Kandahar Hijack पर S. Jaishankar के विचार
प्रश्नोत्तर के दौरान जब उनसे पूछा गया कि नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई सीरीज IC-814 द कंधार हाईजैक पर उनके विचार क्या हैं, तो उन्होंने बताया कि इसमें हाइजैक से निपटने की दिशा में नौकरशाही और सरकार भूमिका को गलत तरीके से दिखाया गया है।
फिल्मों को लेकर उन्होंने कहा, “अक्सर ऐसी परिस्थितियां होती हैं और फिल्म वाले सरकार को अच्छा नहीं दिखाते। नायक को अच्छा दिखाना चाहिए वरना कोई फिल्म नहीं देखेगा और आपको यह स्वीकार करना होगा।”




