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Friday, March 20, 2026
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नीट पर विपक्ष ने उठाया सवाल, शिक्षा मंत्री बोले- पिछले 7 वर्षों में पेपर लीक का कोई सबूत नहीं मिला

संसद में नीट पर विपक्ष ने उठाए कई सवाल, शिक्षा मंत्री प्रधान बोले चिल्लाने से झूठ सच नहीं हो जाएगा

नई दिल्ली, रफ्तार। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। इस सत्र के दौरान विपक्ष ने नीट की परीक्षा को लेकर सवाल उठाया। इस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि, पिछले सात सालों में पेपर लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है। इस मामले पर राजनीति की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के लेकर उन्होंने कहा कि वो पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा सकते हैं कि एनटीए के बाद 240 से अधिक परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न हुई हैं। पूरी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने गलत है।

उन्होंने कहा कि, उनके संसदीय क्षेत्र में संसद में किसी के प्रमाणीकरण की जरूरत नहीं है। देश की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाया गया है। विपक्ष द्वारा इससे खराब प्रश्न नहीं किया जा सकता है। वो इसकी निंदा करते हैं।

क्या बोले राहुल गांधी और अखिलेश यादव  

सपा पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार पेपर लीक में एक नए रिकॉर्ड बनाएगी। देश भर में स्टूडेंट्स प्रदर्शन कर रहे हैं। गिरफ्तारियां हो रही हैं। मेरी केवल एक दरख्वास्त है कि अगर यह मंत्री सेवा में रहे तो स्टूडेंस को इंसाफ नहीं मिलेगा।

शिक्षा मंत्री ने क्या दिया जवाब

इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, नतीजों को जारी कर दिया गया है। मैं राजनीति नहीं करना चाहता। लेकिन मेरे पास उस समय की लिस्ट है जिस समय अखिलेश यादव मंत्री थे।

शिक्षा प्रणाली में काफी कमी है: राहुल गांधी 

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हमारी परीक्षा प्रणली में काफी कमी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सबकी कमी गिना दी, लेकिन अपनी नहीं गिनाई। राहुल ने कहा कि उनका सवाल शिक्षा मंत्री से है कि वो इस मुद्दे को हल करने के लिए क्या कर रहे हैं। इसके जवाब में प्रधान ने कहा कि चिल्लाने से झूठ सच नहीं हो जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि वो कुछ बातें रखना चाहते हैं। जिन्होंने रिमोट से सरकारें चलाई हैं। साल 2010 में कांग्रेस पार्टी के नेता रहे कपिल सिब्बल शिक्षा सुधार के लिए तीन बिल लाए थे। इसमें से एक बिल था- ‘प्रॉहिबिशन ऑफ अनफेयर प्रैक्टिस बिल, 2010’। जिसका उद्देश्य एजुकेशन में धांधली को बंद करना था। बीजेपी की सरकार ने हाल ही में नकल रोकने के लिए कानून बनाया है। कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष की क्या मजबूरी थी कि उन्होंने उस बिल को पास नहीं किया। क्या एजुकेशन माफिया के दबाव में ऐसा नहीं किया गया।

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