नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। बीते 48 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। देहरादून समेत आसपास के इलाकों में तबाही का मंजर हर ओर दिखाई दे रहा है। अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 15 लोग अब भी लापता हैं। मलबे में दबी कई ज़िंदगियां अब भी मौत और जिंदगी के बीच झूल रही हैं।
मलबे से निकले मासूम के शव ने रुलाया
मंगलवार को शुरू हुई आफत की बारिश के बाद शिमला बाईपास इलाके से एक तीन साल के मासूम का शव बरामद हुआ। उसकी देह ने राहतकर्मियों की आंखें भी नम कर दीं। रायपुर की सौंग नदी से दो और युवकों के शव मिले हैं, जिनकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
फुलेत गांव बना मौत का गवाह
मालदेवता से 20 किलोमीटर दूर पहाड़ों के बीच बसे फुलेत गांव में हालात बेहद गंभीर हैं। यहां PMGYSY सड़क निर्माण में लगे सहारनपुर के 6 श्रमिक लापता हैं। SDRF की टीम ने बुधवार रात भी गांव में डेरा जमाए रखा और गुरुवार को एक बार फिर तलाश शुरू की गई। अब भी सचिन, सुरेंद्र, धर्मेंद्र, श्यामलाल, मिथुन और विकास का कोई सुराग नहीं है।
नदी-नाले उफान पर, 62 सड़कें और 8 पुल क्षतिग्रस्त
अतिवृष्टि ने देहरादून जिले में 62 सड़कों और 8 पुलों को तहस-नहस कर दिया है। PWD मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार 35 सड़कों को खोल दिया गया है, जबकि शेष 27 पर काम जारी है। मसूरी-धनोल्टी और मसूरी-कैंपटी मार्ग पर अब वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। वहीं मसूरी-देहरादून मार्ग पर शिव मंदिर के पास बैली ब्रिज बनाकर यातायात फिर शुरू किया गया।
सहारनपुर तक पहुंचे लापता शव
विकासनगर से लापता दो महिलाओं और एक युवक का शव सहारनपुर में बरामद हुआ। इनकी पहचान सुंदरी (40 वर्ष) निवासी मुरादाबाद, रानी (20 वर्ष) और मोनू, निवासी संभल के रूप में हुई है। नदी की धार इतनी तेज़ थी कि शव पड़ोसी राज्य तक बह गए।
168 आपदा पीड़ित सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए कार्लीगाड़, सेरागांव और कुल्हान से कुल 168 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। इन्हें अस्थायी राहत शिविरों और होटलों में ठहराया गया है, जहां भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
आदि कैलाश यात्रा फिर शुरू, 211 यात्रियों को परमिट जारी
अच्छी खबर यह है कि खराब मौसम के चलते रोकी गई आदि कैलाश यात्रा को फिर से हरी झंडी दे दी गई है। बुधवार को प्रशासन ने 211 यात्रियों को इनर लाइन परमिट जारी किए। इससे पहले 15 सितंबर को यात्रा शुरू होनी थी, लेकिन मौसम ने अड़ंगा डाल दिया था।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों से दूर रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें। जरूरत पड़ने पर SDRF और प्रशासनिक हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।
आपदा कंट्रोल रूम हेल्पलाइन
1077 (टोल फ्री)
0135-2710334
SDRF: 112





