नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 09 सितम्बर/ग्राम पंचायत को GST विभाग में पंजीकृत होने एवं टी0डी0एस0 से प्राप्त होने वाले राजस्व की सुरक्षा के दृष्टिगत उपायुक्त शैलेन्द्र त्रिपाठी द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायतों द्वारा कराये गये विकास कार्यों का भारी मात्रा में भुगतान किया जा रहा है, परन्तु जनपद की अधिकांश ग्राम पंचायतों के जी0एस0टी0 विभाग में पंजीकृत न होने के चलते जी0एस0टी0आर0-7 रिटर्न दाखिल नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते GST आपूर्तिकर्ता फर्मों द्वारा कर चोरी किया जा रहा है। उपायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायतों द्वारा राजस्व कर विभाग स्तर से निरस्त फर्मों को भी भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनके द्वारा किये गये भुगतान पर आपूर्तिकर्ताओं द्वारा जमा किये जाने वाला कर जमा नहीं होता और कर चोरी को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में ग्राम पंचायतों के भुगतान करने से पूर्व जानकारी कर लें कि फर्म एक्टिव है या नहीं। इसके लिये विभागीय वेबसाइट से जानकारी हासिल करते हुए सत्यापन करें।
उन्होंने बताया कि बिना जी0एस0टी0 में पंजीयन के कार्य कराने वाली पंचायतों पर कार्यवाही होगी तथा प्रधान के अधिकार भी सीज होंगे तथा प्रायः यह देखा जाता है कि ब्लॉक व ग्राम पंचायत द्वारा जो कार्य 2.50 लाख रू0 व उससे अधिक का होता है, उसकी कार्ययोजना के अन्तर्गत सप्लाई व अन्तरण करने वाली फर्मों को जानबूझकर सुनियोजित तरीके से बहुत छोटी-छोटी धनराशि की एक ही तिथि में कई बार भुगतान किया जा रहा है, ताकि प्रतीत हो सके कि धनराशि 2.50 लाख से कम थी, जिससे राजस्व की क्षति होती है।
उन्होंने अवगत कराया कि पंजीकृत व्यापारी द्वारा दो माह में किये गये बिक्री का विवरण एवं कर को मासिक कर विवरणी जी0एस0टी0आर0-3बी एवं त्रैमासिक कर विवरणी जी0एस0टी0आर0 -3बी तथा समाधान योजना के अन्तर्गत त्रैमासिक सी0एम0पी0-08 समयान्तर्गत दाखिल न करने पर जी0एस0टी0 अधिनियम की धारा-125 एवं धारा-127 के अन्तर्गत सी0जी0एस0टी0 के अन्तर्गत रू0-25000 एवं एस0जी0एस0टी0 के अन्तर्गत रू0-25000 अर्थदण्ड आरोपित करने हेतु नोटिस जारी की जा रही है, यदि व्यापारी द्वारा ससमय रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है, तो उक्त व्यापारियों पर अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा।




